Shardiya Navratri 2020: इन 9 दिनों में गलती से भी न करें ये काम, ध्यान रखें ये 10 खास बातें

आखिर ऐसी क्या गलती हो गई कि देवी मां ने हमारी पूजा पूरी तरह से स्वीकार ही नहीं की...

हिंदू कलैंडर विक्रम संवत 2077 यानि अंग्रेजी वर्ष 2020 में शारदीय नवरात्र पर्व अधिकमास के आ जाने से देरी से शुरु हुआ है। सामान्यत: जहां हर वर्ष पितृपक्ष की समाप्ति के साथ ही नवरात्रि शुरु हो जाती थीं, वहीं इस वर्ष पितृ पक्ष की समाप्ति के साथ ही पुरुषोत्तम मास लग जाने से नवरात्र 2020 में विलंब हुआ। वहीं दूसरी ओर कोरोना के चलते भी लोग इस साल प्रभावित हैं।

ऐसे में आज हम आपको कुछ खास ऐसी बातें बताने जा रहे हैं, जिनका ख्याल अचानक हमारे दिमाग से फिसल जाने के कारण हम नवरात्र में ये गलतियां कर बैठते हैं, जिसके कारण 9 दिन लगातार व्रत रखने व देवी मां की पूजा करने के बावजूद हमें कई बार हमें अपनी पूजा की पूर्ण फल प्राप्ति नहीं होती या यूं कहें मन चाहा फल प्राप्त नहीं हो पाता। इस बार 17 अक्टूबर से मां दुर्गा के पावन पर्व नवरात्रि (Navratri) की शुरुआत हो चुकी है।

ऐसे में भक्त इस दौरान जहां 9 दिनों तक मां की मूर्ति व कलश स्थापित कर उनकी पूजा करते हैं, वहीं कुछ भक्त 9 दिनों तक व्रत भी रखते हैं। नवरात्र में कई बार ऐसा होता है कि हमारे खुद ही समझ नहीं आता कि आखिर हमसे ऐसी क्या गलती हो गई कि देवी मां ने हमारी पूजा पूरी तरह से स्वीकार ही नहीं की। जबकि हमने पूर्ण श्रद्धा भक्ति से मां की पूजा करने के साथ ही अन्य बातों का भी ध्यान रखा। तो आज हम आपको देवी मां के इन नवरात्रों के दौरान क्या कतई नहीं करना चाहिए जिन्हें हम कई बार त्रुटिवश भूल जाते हैं, उन बातों के बारे में बता रहे हैं...

नवरात्रि : इन बातों का ध्यान जरूरी
सनातन धर्म में नवरात्रि को शक्ति की पूजा का पर्व माना गया है, जिसका इस धर्म में काफी महत्व है। ऐसे में अगर आप भी घर में नवरात्रि की पूजा कर रहे हैं या आपने कलश स्थापित किया है या व्रत रख रहे हैं तो आपको कुछ बातों का अत्यधिक ख्याल रखना चाहिए, ताकि देवी मां आपसे किसी भी तरह नाराज न हों...

नवरात्रि : इन 9 दिनों में क्या करें और क्या न करें : what to do and what Don't in navratri

1. देवी पुराण में उल्लेखित है कि मां भगवती उन्हीं की पूजा-अर्चना स्वीकार करती हैं, जो नारी का पूरा आदर-सम्मान करते हैं। नारी की इज्जत करने वालों से मां लक्ष्मी सदा प्रसन्न रहती हैं।

2. यदि आपने घर में नवरात्रि के उपलक्ष्य में कलश की स्थापना की है तो मान लीजिए कि आपने देवी को घर पर आमंत्रित किया है.। अत: दोनों समय उनकी पूजा-आरती करें और नैवेद्य चढ़ाना न भूलें।

3. यदि आपने नौ दिनों का उपवास रखा है तो पति/पत्नी से दूरी बनाकर रखें। इस दौरान ब्रह्मचर्य का पालन करें, मां भगवती की पूजा-अर्चना शुद्ध एवं पवित्र मन से करें।

4. इसके अलावा यदि आप नवरात्रि का व्रत रखने में असमर्थ हैं तो भी नौ दिनों तक अपने खान-पान पर विशेष नियंत्रण रखना चाहिए। इस दौरान मांस-मछली-मदिरा, लहसुन और प्याज जैसी चीजों का उपयोग बिलकुल न करें,केवल सात्विक और शुद्ध आहार ग्रहण ही करें।

5. देवी मां की पूजा शांति, श्रद्धा एवं प्रेम के साथ की जानी चाहिए। नवरात्रि के दिनों में घर में कलह, द्वेष और किसी का अपमान किए जाने पर घर में अशांति रहती है और बरकत भी नहीं होती।

6. नवरात्रि में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें, नौ दिनों तक सूर्योदय के साथ ही स्नानकर स्वच्छ वस्त्र पहनने चाहि।. इस दौरान काले रंग के परिधान न पहनें और न ही चमड़े की बेल्ट पहनें।

7. इसके साथ ही नवरात्रि के नौ दिनों तक बाल, दाढ़ी और नाखून भी नहीं कटवाने चाहिए।

8. नवरात्रि के दौरान बिस्तर पर न सोकर जमीन पर सोना ठीक माना जाता है, इसके अलावा घर में पूरे नौ दिन में एक पल के लिए भी ताला न लगाएं।

9. नवरात्रि के दिन मूक और बेबस पशु-पक्षियों को परेशान नहीं करना चाहिए, इनके लिए दाना-पानी की व्यवस्था अवश्य करें। गौरतलब है कि मां दुर्गा का वाहन भी एक पशु है।

10. दिन में ईश्वर का पाठ करें, प्रातः स्नान-ध्यान कर पड़ोस के लोगों या परिजनों के साथ कीर्तन, रामायण-पाठ इत्यादि करें। आप चाहें तो दुर्गा सप्तशती का पाठ भी कर सकते हैं।

पंडित सुनील शर्मा के अनुसार इनमें से की गई कोई भी एक गलती हमारे पुण्य कर्म को कम कर देती है। जिसके चलते देवी मां की ओर से मिलने वाला आशीर्वाद उसी अनुपात में घटता चला जाता है। जबकि यदि जानबूझ कर ऐसी गलती की गई है यानि अरे इससे कुछ नहीं होता ऐसा मानकर, तो देवी मां के प्रसन्न होने की बात तो छोड़े उनके आशीर्वाद की जगह उनका क्रोध हमें दंड देता है।

Show More
दीपेश तिवारी
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned