(आज का पंचांग – शुक्रवार, 4 जुलाई, 2025)
विक्रम संवत् – 2082
संवत्सर नाम – सिद्धार्थ
शक संवत् – 1947
हिजरी सन् – 1447
मु. मास – 8 मु्हर्रम
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – वर्षा ऋतु
मास – आषाढ़
पक्ष – शुक्ल
श्रेष्ठ चौघड़िये – आज चर, लाभ, अमृत के चौघड़िये क्रमशः सूर्योदय से 10:48 तक रहेंगे। शुभ का चौघड़िया 12:31 से 2:13 तक रहेगा। चर का चौघड़िया 5:38 से सूर्यास्त तक रहेगा। इन चौघड़ियों में शुभ कार्य प्रारम्भ किए जा सकते हैं।
तिथि – नवमी तिथि दिन 4:32 तक तदुपरान्त दशमी तिथि होगी।
दिशा शूल – आज पश्चिम दिशा में दिशा शूल रहेगा। इसलिए आज पश्चिम दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।
राहु काल वेला – (मध्यमान से) दिन 10:30 से 12:00 तक रहेगा।
नक्षत्र – चित्रा नक्षत्र दिन 4:50 तक होगा तदुपरान्त स्वाती नक्षत्र होगा।
योग – शिव योग सायं 5:35 तक होगा तदुपरान्त सिद्ध योग रहेगा।
करण – कौलव करण दिन 4:32 तक तदुपरान्त तैतिल करण रहेगा।
विशिष्ट योग – रवियोग संपूर्ण दिनरात्रि
व्रत / दिवस विशेष – भड़ल्या नवमी (स्बयं सिद्ध अबूझ मुहर्त), गुप्त नवरात्र समाप्त, श्री हरि जयंती, मेला शरीक भवानी (काश्मीर), स्वामी विवेकानन्द पुण्य दिवस,
चन्द्रमा – आज सम्पूर्ण दिन रात्रि तुला राशि में होगा।
ग्रह का राशि /नक्षत्र परिवर्तन – नेपच्यून वक्री प्रातः 3:10 पर
आज जन्म लेने वाले बच्चे – आज जन्म लेने वाले बच्चों की राशि तुला होगी।
आज दिन 4:50 तक चित्रा नक्षत्र होगा तदुपरान्त स्वाती नक्षत्र होगा। आज जन्मे बच्चों का रजत पाद होगा। आज जन्म लेने वाले बच्चों के प्रथम नामाक्षर र, री, रू, रे, रो पर रखे जा सकते हैं।
तुला राशि का स्वामी शुक्र होता हैं। यह सौम्य व भावुक होते हैं। इन्हें देश-विदेश घूमने का शौक होता है, किसी के अधीनस्थ रह कर कार्य करना पसंद करते हैं। यह एक स्थान पर टिक कर नहीं रहते। ये सुंदरता पसंद होते हैं और कलात्मक होते हैं। इनका स्वभाव आकर्षक होता हैं। ये न्यायशील, बुद्धिमान, तर्कशील एवं सर्तक रहने वाला होते हैं।