
Auraiya crime
औरैया. अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश लल्लू सिंह ने थाना बेला क्षेत्र के ग्राम भगवंता पुर निवासी सत्यवीर और कुलदीप को एक नाबालिक लड़की को जबरन घर से पकड़कर ले जाने व उसके साथ बलात्कार करने के आरोप में 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही आरोपियों पर 45 हजार रुपए अर्थ दंड की सजा से दंडित भी किया है। न्यायालय ने आरोपी को अपराध के दंड से बचाने के कथित उद्देश्य से पीडि़ता का गलत बयान अभिलेख में लेख बंद करने वाली महिला चिकित्सक के विरुद्ध दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 340 के अधीन प्रकीर्ण वाद दायर करने का भी आदेश दिया है।
घर पर थी अकेली...
अभियोजन के अनुसार मदीने थाना बेला में रिपोर्ट लिखाई के ग्राम भगवंता पुर निवासी सत्यवीर और कुलदीप पुत्र बेचेलाल दौरे दिनांक 8 फरवरी 2016 को उसके घर में दोपहर 2 बजे जबरिया घुस गया, उस समय उसकी 16 वर्षीय पुत्री अकेली घर पर थी। अन्य परिजन खेत पर काम करने के लिए गए थे आरोप है कि सत्यवीर उसकी लड़की को पकड़कर ले गया अपने घर में ले जाकर एक कमरे में बंद कर दिया तथा रात को उसके साथ बुरा काम किया। पुलिस ने लड़की को बरामद किया और 11 फरवरी को डॉक्टरी परीक्षण कराया।
गलत बयान दर्ज किया गया
डॉक्टरी के समय महिला चिकित्सक ने अभिलेख में पीडि़ता के जो बयान लिखे वह अभियोजन की कहानी के विपरीत थे। यह मुकदमा आरोप पत्र के बाद एडीजे विशेष न्यायाधीश लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम लल्लू सिंह की कोर्ट में चला। अभियोजन की ओर से एडीजीसी संजय कुमार श्रीवास्तव का मोहम्मद इस्लाम तथा बचाव पक्ष को सुनने के बाद एडीजे लल्लू सिंह ने अभियुक्त सतवीर को 10 वर्ष के कारावास व 45 हजार रुपए अर्थ दंड की सजा से दंडित किया है। कोर्ट ने प्राप्त अर्थदंड की धनराशि में से 46000 रुपए पीडि़ता को प्रति कर के रूप में देने का आदेश भी दिया है। आरोपियों को अलग.अलग धाराओं में दी गई सभी सजाएं एक साथ चलेंगे।
Published on:
16 Sept 2017 07:10 pm
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