
औरैया. जनपद में शासन के आदेश पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय पर दिव्यांगों के लिए एक शिविर आयोजन किया गया। इस दौरान 28 दिव्यांगों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया। वहीं 16 लोगों को प्रमाण पत्र बनाकर दिए गए। इस दौरान कुछ दिव्यांग भटकते भी नजर आए। उन्होंने प्रमाण पत्र के नाम पर अवैध वसूली किए जाने के आरोप भी लगाए।
दिव्यांगों को सहूलियत देने के लिए स्वास्थ्य विभाग के मुख्य सचिव के आदेश पर सोमवार को समाधान पुरवा स्थित मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में शिविर का आयोजन किया गया। इसमें 28 दिव्यांगों के कागजात देख कर रजिस्ट्रेशन किया गया। जबकि 16 दिव्यांगों को प्रमाणपत्र दिए गए। इस दौरान कई दिव्यांग स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कोसते नजर आए। उनका कहना था कि प्रमाणपत्र के नाम पर यहां दलाली की जा रही है। जबकि प्रमाण पत्र बनवाने में कोई पैसा नहीं लगता है। कहा कि जो व्यक्ति रुपये दे देता है उसका काम कर दिया जाता है। जो रुपये नहीं देता है उसे कागजों का अभाव बताकर टरका दिया जाता है।
भाग्यनगर ब्लाक के राम ¨सह ने बताया कि वह अपनी पुत्री का प्रमाण पत्र बनवाने आए थे। कागजों में कमी बता कर उनको टहला दिया गया। जैसे ही वह बाहर निकल कर आए एक व्यक्ति ने एक हजार रुपये की मांग की। कहा कि रुपये दे दो दो घंटे बाद प्रमाण पत्र ले लेना। इस दौरान शिविर में 100 शैया अस्पताल के अधीक्षक राजीव रस्तोगी सहित कई कर्मचारी मौजूद रहे।
मृत्यु प्रमाण पत्र दिलाने को एसडीएम से गुहार
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. अवधेश राय ने बताया है कि दिव्यांगों द्वारा लगाए गए आरोप गलत है। कहा कि कुछ लोगों के कागजात पूर्ण नहीं थे। इससे उनको आगामी सोमवार को आने के लिए बोल दिया गया है। वहीं डा. राजीव रस्तोगी ने बताया कि कुछ लोगों के कागजात अधूरे थे। इससे उनके प्रमाणपत्र नहीं बने तो उन्होंने रुपए लेने का आरोप लगा दिया।
Published on:
06 Mar 2018 04:41 pm
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