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तेज तूफान और मूसलाधार बारिश से किसानों का जन जीवन अस्त व्यस्त, महिला की मौत

जनपद में आज देर रात आई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने भयंकर तबाही मचाई।

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औरैया. बीते दिन दिनों से मौसम का मिजाज लगातार खराब चल रहा है। आज देर रात आई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने भयंकर तबाही मचाई। वहीं अजीतमल कोतवाली के भीखेपुर में रात को पेड़ गिरने से एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। अन्नदाता की सारी उम्मीदों पर यह आंधी पानी गाज बनकर गिरा।

बारिश ने खेतों को किया जलमग्न

पिछले छह माह से तरह तरह के सपने संजोए क्षेत्र का किसान मौसम के मिजाज से भुखमरी की कगार पर पहुंच गया है। किसानों को इस बार की फसल से हमेशा से कहीं ज्यादा आशाएं थी। इस बार फसल भी बहुत अच्छी थी। लेकिन इंद्रदेव ने पता नहीं किस बात की खुन्नस निकाली जो कि देर रात का परिणाम सामने है। रात 9 बजे से लगने लगा था कि आज मौसम अपनी भयंकरता साबित करेगा, जैसे ही 11 बजे पहले धूलभरी आंधी उसके बाद भयंकर बारिश ने कमर तोड़ दी। खेतो में बंधे पड़े गेंहू के गट्ठर उड़कर अन्य खेतो में पहुंच गए। बाद में हुई बारिश ने खेतों को जलमग्न कर दिया। जिससे खेतो में बचे गट्ठे लगभग आधे डूब गए। इतना पानी आगया खेतो में कई किसान को भविष्य अंधकारमय दिखने लगा। बेचने की तो बात अलग, खाने के लिए अनाज के लाले पड़ने वाले है।

किसानों की मुसीबत और अधिक बढ़ गई

जो किसानों के लिए सबसे ज्यादा चिंता का सबब बना हुआ है। बेमौसम हुई बारिश के कारण जनपद के करीब पांच सौ किसान तबाह हो गए हैं। बारिश के साथ ओले भी पड़े। रात को भी तेज हवा चलने के साथ बारिश हुई व जनपद में कई स्थानों पर ओले गिरे। इससे किसानों की मुसीबत और अधिक बढ़ गई है। सबसे ज्यादा नुकसान गेहूं, सरसों व आम की फसल को हुआ है। इन फसलों को बोने वाले किसान अपने खेतों को देख कर अपनी किस्मत को कोस रहे हैं। वहीं सोमवार को भी दिन भर चली धूल भरी आंधी से अचानक हुई बारिश के साथ तेज हवाएं चली व ओलावृष्टि भी हुई। इससे सैकड़ों किसानों की फसल बुरी तरह तबाह हो गई।

किसान हुए बर्बाद

अभी किसान यह दर्द भूल तेज हवाएं चलने के साथ बारिश व ओलावृष्टि हुई। दोनो दिन मिला कर करीब चार एमएम बारिश हुई। खेतों में खड़ी गेहूं की फसल और अधिक तबाह हो गई। बारिश व ओलावृष्टि के साथ तेज हवाएं चलने से किसानों का ज्यादा नुकसान हुआ। उनकी खेतों में खड़ी सरसों, गेहूं की फसल नीचे गिर पड़ी। इसके अलावा आम की फसल को भी खासा नुकसान हुआ है। आम के पेड़ों पर लगे छोटे -छोटे फल टूट कर भारी मात्रा में जमीन पर बिछ गए साथ ही आम की बौर भी भारी मात्रा में टूटी। इससे आम की बागवानी करने वालों को भी नुकसान उठाना पड़ा है।

दुकानों में हुआ बहुत नुकसान

इधर कस्बे में रखी दुकानों के टीन शेड उड़ गए। हालांकि इस सब मे किसी के घायल होने की खबर नहीं है। दुकानदार मुन्नू लाल गुप्ता, शिवओम गुप्ता, हरिओम गुप्ता, सर्वेश वर्मा, कमलेश वर्मा, दिनेश प्रजापति, भूपेंद्र प्रजापति आदि की दुकानों में बहुत नुकसान हो गया। किसान पूरन सिंह, आशीष, सुनील, मंगीलाल राजपूत आदि के खेतों में गेंहू के गट्ठे जलमग्न हो गए। सहार के बिधूना रोड पर बिजली के तारों पर नीम का पेड़ गिर जाने से विद्युत सप्लाई ठप्प हो गई। गनीमत यह रही कि खम्भे नहीं टूटे।