5 अप्रैल 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

26/11 को अंजाम देने वाले आतंकी अजमल कसाब के नाम से जारी हुआ प्रमाण पत्र, एसडीएम के उड़े होश, तुरंत उठाया यह कदम

26 नवंबर 2008 को मुंबई में खून की होली खेलने वाले पाकिस्तानी आतंकी अजमल कसाब का जिन्न एक बार फिर निकल आया है।

2 min read
Google source verification
Ajmal Kasab

Ajmal Kasab

औरैया. 26 नवंबर 2008 को मुंबई में खून की होली खेलने वाले पाकिस्तानी आतंकादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी अजमल कसाब का जिन्न एक बार फिर निकल आया है। मुंबई में 26/11 को अंजाम देने वाले अजमल कसाब का यूपी के औराया जिले में निवास प्रमाण-पत्र जारी कर दिया गया। जिससे यूपी सहित पूरे देश में हड़कंप मच गया। दरअसल अजमल कसाब की फोटो सहित निवास प्रमाण-पत्र जारी करने की घोर लापरवाही बिधूना तहसील के अधिकारियों ने की है। आपको बता दें 2008 में अजमल कसाब इकलौती आतंकी था जिसे जिंदा पकड़ा गया था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद नवम्बर 2012 में उसे फांसी दे दी गई थी।

ये भी पढ़ें- छत्तीसगढ़ में रहते अखिलेश यादव को मिली दूसरा दुखद समाचार, इस बहुत बड़े नेता के निधन पर अर्पित की श्रद्धाजंलि, सपा में हड़कंप

यह है मामला-

बिधूना तहसील के अधिकारियों ने बड़ी लापरवाह का नमूना पेश करते हुए दुर्दात आतंकी अजमल कसाब की तस्वीर लगाकर किए गए आवेदन पर निवास प्रमाण-पत्र जारी कर दिया। बीती 21 अक्टूबर को किसी अज्ञात व्यक्ति ने अजमल कसाब का फोटो लगाकर आवेदन कर दिया था, जिस पर लेखपाल की रिपोर्ट लगने के बाद एसडीएम ने बिनी जांच-पड़ताल किया निवास प्रमाण-पत्र जारी कर दिया। आवेदन में कसाब के पिता का नाम मोहम्मद आमिर व मां क नाम मुमताज बेगम दर्ज किया गया था। मामला का संज्ञान लेकर एसडीएम ने प्रमाण-पत्र को तत्काल निरस्त करने के आदेश तो दिए ही, साथ ही लेखपाल को जवाब तलब भी किया है। एसडीएम बिधूना प्रवेंद्र कुमार ने पूरे मामले की जांच करवाई, जिसमें आवेदन में दिए गए तथ्य गलत साबित हुए और उन्होंने उक्त निवास प्रमाण-पत्र निरस्त करने के आदेश दिए। साथ ही लेखपाल को नोटिस देते हुए स्पष्टीकरण मांगा है।

ये भी पढ़ें- भाजपा ने की बहुत बड़ी घोषणा, डिंपल यादव के संसदीय क्षेत्र से यह प्रत्याशी लड़ेगा 2019 चुनाव, शिवपाल-मुलायम भी हुए हैरान

एसडीएम का यह है कहना-

इस पर बिधूना के एसडीएम प्रवेंद्र कुमार ने कहा कि मामले को संज्ञान में लेते हुए तुरंत जांच करवाई गई जिसमें इस नाम का कोई व्यक्ति उपरोक्त पते पर नहीं मिला। प्रमाण-पत्र को निरस्त करने के लिए एनआइसी को पत्र लिखा गया है। साथ ही लेखपाल से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा गया है।