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औरैया साधु हत्याकांड : मंदिर के तीसरे पुजारी की भी मौत, गोकशी का विरोध करने पर हुआ था जानलेवा हमला

औरैया के भयानकनाथ शिव मंदिर के तीसरे पुजारी की 12 दिनों के उपचार के बाद मौत हो गई..गांव में तनाव की स्थिति, पुलिस-पीएसी तैनात

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औरैया साधु हत्याकांड : मंदिर के तीसरे पुजारी की भी मौत, गोकशी का विरोध करने पर हुआ था जानलेवा हमला

औरैया. गोकशी का विरोध वाले भयानकनाथ शिव मंदिर के तीसरे घायल पुजारी की 12 दिन बाद रविवार को मौत हो गई। ग्रामीणों व अधिकारियों की मौजूदगी में साधु के पैतृक ग्राम में अन्तिम संस्कार किया गया। बीती 14 अगस्त की रात को विधूना कस्बे से सटे भयानक नाथ शिव मंदिर में दो साधुओं की नृशंस हत्या कर दी गई थी, जबकि तीसरे साधु रामशरन शाक्य पुत्र गंगाराम (75 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गये थे, जिन्हें रात में ही स्थानीय सीएचसी से सैफई के लिये उपचार हेतु रेफर कर दिया गया था, जहां उनका उपचार चल रहा था।

तीसरे साधु की मौत के बाद उनका शव उनके पैतृक गांव बीबीपुर लाया गया। साधु की मृत्यु की जानकारी मिलते ही भारी संख्या में ग्रामीण उनके ग्राम पहुंच गये। वहीं सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी विजय प्रताप, पुलिस क्षेत्राधिकारी भास्कर वर्मा, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक आलोक दुबे, चौकी इन्चार्ज अंकित शर्मा आदि पुलिस-प्रशासन के अफसर मौके पर पहुंचे। गमगीन माहौल के बीच साधु को नम आंखों के बीच समाधि दी गयी। साधु हत्याकांड से ग्रामीणों में रोष है। तनाव पूर्ण स्थिति को देखते हुए गांव में अभी भी पुलिस-पीएसी तैनात है।

गोकशी का विरोध करने पर साधुओं की नृशंस हत्या
बीते दिनों विधूना कोतवाली क्षेत्र के ग्राम कुदरकोट के भयानकनाथ मंदिर परिसर में दो साधुओं लज्जाराम यादव और साधु हरभजन यादव की धारदार हथियार से काटकर हत्या कर दी गई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले में संज्ञान लेते हुए हत्याकांड का खुलासा करने के आदेश दिये थे। इसके बाद जांच के लिये पुलिस की कई टीमें बनाई गईं। क्राइम ब्रान्च, पुलिस महानिरीक्षक कानपुर, क्राइम ब्रान्च अपर पुलिस महानिदेशक कानपुर जोन, स्वाट टीम औरैया व स्थानीय कोतवाली पुलिस की टीम ने मिलकर 18 अगस्त को घटना के पांच लोगों को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा किया। निर्धारित समय सीमा के अंदर हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि हत्याकांड की वजह गोकशी का विरोध करना बताया था। पुलिस अधीक्षक नागेश्वर सिंह ने प्रेसवार्ता कर बताया कि गोकशी का विरोध करने और पुलिस के पचड़े में पड़ने से तिलमिलाये 14 कसाइयों ने मिलकर साधु हत्याकांड का अंजाम दिया था।