
औरैया. स्वतंत्रता आंदोलन के समय वर्ष 1929 में पहली बार महात्मा गांधी औरैया आए थे। 23 नवंबर को उनकी एक झलक पाने के लिए सड़क के दोनों ओर भारी भीड़ लग गई थी। गांधी जी ने तिलक इंटर कॉलेज में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने पर जोर देते हुए विलायती वस्त्रों की होली जलाने की अपील की थी। गांधी यहां लोगों से आजादी की लड़ाई में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान भी किया था। 12 अगस्त 1942 को महात्मा गांधी ने जब 'करो या मरो' का नारा दिया, औरैया में क्रांतिकारियों ने तहसील परिसर में यूनियन जैक उतारकर तिरंगा फहराया था। लेकिन इसमें पुलिस की गोली से 6 लोग शहीद हो गए थे।
औरैया स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े क्रांतिकारियों का गढ़ रहा है। गांधीजी के पदार्पण से पहले यहां पर महान क्रांतिकारी पंडित गेंदालाल दीक्षित की अगुवाई में क्रांतिकारियों ने अंग्रेजी हुकूमत से टक्कर ले कर उन्हें हैरान कर के रख दिया था।
बापू ने स्वदेशी और स्वच्छता अपनाने का दिया था संदेश
स्वतंत्रता सेनानी विजय शंकर गुप्ता बताते हैं कि जब महात्मा गांधी 1929 में अपने सचिव आचार्य कृपलानी के साथ औरैया के तिलक इंटर कॉलेज में आए थे, तब वह कमरा नंबर 9 में रुके थे और यहीं पर विश्राम किया था। उन्होंने बताया कि गांधी के औरैया आगमन की खबर सुनते ही आस-पास के गांव से भारी संख्या में लोग वहां पहुचे थे। गांधी जी की एक झलक पाने के लिए सड़क के दोनों ओर भारी भीड़ जमा थी। वह बताते हैं कि महात्मा गांधी ने तिलक इंटर कॉलेज की मंजिल से भारी संख्या में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए स्वदेशी व स्वच्छता अपनाने का आह्वान किया था।
गांधी जी की याद दिला रहा वृक्ष
सरकारी गजट के अनुसार, महात्मा गांधी ने 23 नवंबर 1929 को औरैया में एक विशाल जनसभा की थी, जिसमें भारी जनसमूह उमड़ा था। विजय शंकर गुप्ता के अनुसार, गांधी जी ने अपने विश्राम के दौरान तिलक इंटर कॉलेज के प्रांगण में एक वृक्ष भी लगाया था, जो आज भी उसी स्थान पर तनकर खड़ा है और उनकी याद दिला रहा है।
कमरा नंबर- 9 को गांधी संग्रहालय बनवाए सरकार : कॉलेज प्रबंधक
तिलक इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रधानाचार्य डॉक्टर अंजनी सहाय अवस्थी ने एक पत्थर लगाया है, जिसमें महात्मा गांधी द्वारा लगाए गए वृक्ष का नाम तथा तारीख लिखी है। तिलक इंटर कॉलेज के प्रबंधक समीर विश्नोई कहते हैं कि उनके लिए और औरैया के लोगों के लिए गर्व की बात है कि महात्मा गांधी जैसे महापुरुष का तिलक इंटर कॉलेज में आगमन हुआ था। यहां आज भी उनकी यादें जिंदा हैं। उन्होंने कहा कि उनकी शासन से मांग है कि जिस कमरे में महात्मा गांधी रुके थे, सरकार उसे गांधी संग्रहालय के रूप में स्थापित करे।
Updated on:
02 Oct 2017 09:43 am
Published on:
02 Oct 2017 08:26 am
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