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लखनऊ. यूपी सरकार द्वारा गोवंश के संरक्षण के लिए आबकारी उत्पादों पर सेस लगाने के फैसले पर बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। आपको बता दें कि बता दें सीएम योगी के मंत्रिमंडल ने यह फैसला किया था कि यूपी सरकार हर ग्राम पंचायत में कम से कम 1000 की क्षमता वाले गोवंश आश्रय स्थल बनाएगी। योगी सरकार ने इसके लिए 100 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इन आश्रय स्थलों में रहने वाले मवेशियों की रेख-देख में होने वाले खर्च के लिए शराब पर दो प्रतिशत और यूपीडा के टोल टैक्स पर 0.5 प्रतिशत टैक्स लगाया है।
मायावती ने दिया बयान-
मायावती ने इस मामले पर बुधवार को अपनी प्रतिक्रिया दी और कहा कि अगर भाजपा और संघ की इस तरह की सोच से ही गोवंश का संरक्षण हो सकता है तो केंद्र को इस दिशा में एक राष्ट्रीय कानून बनाकर इस समस्या का समाधान कर देना चाहिए।
सपा ने भी साधा निशाना-
इससे पहले समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता सुनील सिंह साजन ने भी सरकार के इस फैसले की आलोचना की थी। उन्होंने कहा भाजपा सरकार भावनात्मक मुद्दों पर देश को गुमराह करती है। गंगा मैया के नाम पर करोड़ों अरबों घोटाले के बाद अब गौ माता के नाम पर घोटाला होगा। उन्होंने कहा कि सरकार के नीयत में खोट है। टैक्स लगाना अच्छी बात है लेकिन, काम भी तो करें। टैक्स अगर भ्रष्टाचार के लिए ले रहे हैं तो बेईमानी है. सुनील सिंह कहते हैं कि सरकार द्वारा 2 साल में कितनी गौशाला बनाई गई इसका जवाब दें। सच यह है कि इस सरकार में किसान और गाय दोनों परेशान हैं।
Updated on:
02 Jan 2019 08:51 pm
Published on:
02 Jan 2019 08:42 pm
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