
औरैया. देश को खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) बनाने के अभियान के तहत तड़के सुबह ओडीएफ टीम हरचंदपुर ग्राम पंचायत क्षेत्र में पहुंची। ओडीएफ (ओपन डिफेक्शन फ्री) टीम ने लुटिया, बोलत लेकर खेतों में शौच के लिए जाने वालों को रोका। साथ ही आगे से घरों में बने शौचालयों का प्रयोग करने के लिए कहा। जनपद में ओडीएफ अभियान को लोगों ने मजाक बनाकर रखा हुआ है।
ओडीएफ हो चुके गांव के हाल भी कुछ अच्छे नहीं है। एक शौचालय के लिए सरकार ने 12 हजार रुपये खर्च किये लेकिन अब भी खुले में ही शौच जाने में लोगों को आनंद आता है। कुछ की मानें तो उनको टॉयलेट की चहारदीवारी में बहुत दिक्कत होती है। बंद बंद सा लगता है।
ओडीएफ टीम ने बजाई सीटी
अभियान की शुरुआत में ओडीएफ टीम ने नुक्कड़ नाटक कर जनता को कई बार बताया कि इससे क्या क्या नुकसान होते है। खुले में शौच जा रहे लोगों को परेशान करने और चिढ़ाने के लिए सीटी बजाई, बाबजूद अभियान को सफलता मिलते नहीं दिख रही है। कहीं-कहीं जुर्माने का प्रावधान भी किया गया।
तड़के गांव में पहुंच गई टीम
भाग्यनगर विकास खण्ड की ग्राम पंचायत हरचंदपुर के मजरा पड़ारा व कमंडलापुर में लोगों को खुले में शौच से रोकने के लिए तड़के सुबह ओडीएफ टीम ने अभियान चलाया। इसके लिए सभी महिलाओं, पुरुषों को सलाह दी कि खुले में शौच न जायें।
खुले में शौच जाने से होने वाली बीमारियों के बारे में बताया
ओडीएफ टीम में शामिल डीसी ओडीएफ अरुनेश सिंह, दीपक के साथ विजय चौबे, हरचंदपुर के प्रधानपति राजू दुबे, रोजगार सेवक दिलीप गुप्ता आदि पहुंचे। यहां खेतों में शौच के लिए जाने वालों को रोककर ओडीएफ को सफल बनाने के लिए कहा। टीम में शामिल सदस्यों ने बताया कि खुले में शौच से कई बीमारियां फैलतीं हैं। इसलिए घरों में बने शौचालयों का प्रयोग करें।
खाना-पाखाना दोनों पर्दे में होना चाहिए
इस दौरान खेतों में शौच कर रहे लोगों को दूर से सीटी बजाकर खुले में शौच न जाने के लिए चेतावनी दी गई। साथ ही हिदायद भी दी गई कि यदि आगे खुले में शौच जाते देखा तो कार्यवाही की जाएगी। आखिर ओडीएफ टीम का ये अभियान लगातार चला तो जरूर लोगों में शर्म रहेगी। बड़े बुजुर्गों ने पहले भी एक कहावत कही है कि खाना और पाखाना दोनो पर्दे में होना चाहिए, लेकिन क्या लोग बदलेंगे या व्यवस्था को।
Published on:
21 Dec 2017 07:34 am
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