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खबर का असर : हटाए गए लापरवाह बैंक मैनेजर, लोगों ने कहा- थैंक्यू

त्रिका उत्तर प्रदेश पर प्रमुखता से खबर प्रकाशित करने के बाद बैंक मैंनेजर पर कड़ी कार्रवाई हुई है।

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औरैया. इटावा डिस्ट्रक्ट को ऑपरेटिव बैंक के मैनेजर को बैंक में देर से आना महंगा पड़ गया। पत्रिका उत्तर प्रदेश पर प्रमुखता से खबर प्रकाशित करने के बाद बैंक मैंनेजर पर कड़ी कार्रवाई हुई है। देर से आने के कारण उनको बैंक प्रबंधन ने उनका ट्रांसफर कर दिया है।

बताते चलें कि एरवाकटरा की इटावा डिस्ट्रिक कोऑपरेटिव बैंक के मैनेजर लगातार ऑफिस में लेट आ रहे थे। इसको लेकर पत्रिका ने जनसमस्या को लेकर 16 नवंबर को समाचार हुआ था। आखिरकार तीन दिन बाद बैंक प्रबंधन ने उनको हटाकर सहायक बैंक मैनेजर को जिम्मेदारी दे दी है। स्थानीय लोगों ने मैनेजर को हटाए जाने पर पत्रिका को धन्यवाद कहा है।

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इससे पहले पत्रिका की टीम ने वीडियो में दिखाया था कि कैसे इटावा डिस्ट्रिक कोआपरेटिव बैंक लिमिटेड की हालत बद से बदतर नजर आ रही है। लोगों की अपील पर पत्रिका ने वीडियो समेत विस्तृत खबर की थी, जिसमें video के माध्यम से बैंक की हालत दिखाई थी। यहां पर मौजूद स्टाप अपनी मनमानी के चलते कार्य लटकाते रहते हैं। पत्रिका संवाददाता ने जब पड़ताल की थी। तो पता चला कि बैंक मैनेजर नरेश चंद्र तनेजा सवा ग्यारह बजे तक बैक नहीं पहुचे थे। वहीं मौके पर मौजूद कर्मचारी अपने-अपने मोबाइल में मस्त रहते हैं।

बोले थे बैंक के असिस्टेंट मैनेजर
इस मामले में बैंक के असिस्टेंट मैनेजर आनन्द किशोर ने बात करने पर बताया कि मैनेजर साहब इटावा से प्रतिदिन आते हैं तो इसलिए लेट हो जाते हैं, परंतु जब तक मैनेजर साहब नहीं होते तो मैं खुद लोगों का पेमेंट जमा कराता हूं।

पत्रिका पड़ताल में सच आया सामने
इस पड़ताल में वहां मौजूद मौके पर लगभग 70 वर्षीय ग्राम सूरजपुर निवासी गयाप्रसाद एवं अनुज यादव ने बताया कि हम लोग पिछले एक घंटे से इंतजार कर रहे हैं, परन्तु मैनेजर साहब के न होने के कारण हम लोगों को भुगतान नहीं मिल पाया। ये हाल पहली बार नहीं जब हर दिन कभी भी ग्यारह बजे से पहले बैंक का कार्य शुरू नहीं होता, जबकि कस्बा की अन्य बैंकों में समय से कार्य शुरू हो जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों की बैंकों का ज्यादातर यहीं हाल है। यहां बैंकों में समय से अधिकारी और कर्मचारी नहीं आते हैं। लोगों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

लोगों ने हटाने की मांग की थी
मौके पर मौजूद लोगों ने जिलाधिकारी जी से मांग करते हुए कहा था कि जल्द से जल्द इस विषम समस्या का निदान निकाला जाए, जिससे जमाकर्ताओं को हो रही परेशानियों से निजात की मांग की थी। आखिरकार बैंक प्रबंधन ने जनता की समस्या ध्यान में रखते हुए बैंक मैनेजर को वहां से हटाकर दूसरी जगह भेज दिया है।

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