
Shivpal mulayam
लखनऊ. 2019 चुनाव से पहल दल बदलने का दौर जारी है। इसी कड़ी में बुधवार को अनुशासनहीनता के आरोप में समाजवादी पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित पूर्व मंत्री शिवकुमार बेरिया अपने हजारों समर्थकों और समाजवादी पार्टी व कांग्रेस से आए पदाधिकारियों के साथ प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) में शामिल हो गए। शिवपाल सिंह यादव ने उन्हें प्रगतिशील समाजवादी पार्टी की सदस्यता दिलाई। शिवकुमार बेरिया ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने कुछ चाटुकारों की वजह से उन्हें अपमानित किया। क्योंकि उनकी बुनियाद समाजवादी है इसलिए उन्होंने प्रगतिशील समाजवादी पार्टी(लोहिया) का दामन थामा है।
यह लोग भी हुए शामिल-
बेरिया के अलावा कांग्रेस के दिग्गज नेता हर्षवर्धन पांडे ने भी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया। हर्षवर्धन कमलापति त्रिपाठी के नाती हैं। इसी के साथ अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष सर्वेश कटियार, पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुंदर लाल पाण्डेय, पूर्व जिला पंचायत सदस्य पी एस वर्मा, पूर्व ब्लोक प्रमुख अशोक कटियार सहित सैकड़ों पदाधिकारियों व् कार्यकर्ताओं ने साथ प्रसपा का दामन थामा। इस दौरान शिवपाल सिंह यादव ने कुछ ऐसा भी कह दिया जो शायद समाजवादी पार्टी के गले नहीं उतरेगा।
शिवपाल ने कहा- बेरिया से सपा का होगा सफाया
इस दौरान शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि शिवकुमार बेरिया के आने से प्रसपा मज़बूत होगी। उन्होंने दावा किया कि बेरिया के आने से समाजवादी पार्टी कानपुर देहात से साफ हो जाएगी। उधर लोकसभा चुनावों की तैयारी पर शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि हम पूरी तरह से तैयार हैं। कांग्रेस से गठबंधन की बात पर शिवपाल सिंह यादव ने साफ किया कि उनकी पार्टी बीजेपी को छोड़ सभी सेक्युलर पार्टियों के साथ समझौते को तैयार है। उन्होंने कहा कि सम्मानजनक सीटें मिलने पर वह किसी के साथ भी गठबंधन कर सकते हैं। वहीं सपा के साथ गठबंधन पर शिवपाल सिंह यादव ने सपा पर अपमान करने का आरोप लगाया। वहीं आर्थिक आधार पर सवर्णों को आरक्षण के कदम पर सहमति जताते हुए शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि आर्थिक आधार पर गरीब सवर्णों को आरक्षण मिलना चाहिए।
बेरिया 6 साल के लिए थे निष्तासित-
जनता दल से राजनीति शुरू करने वाले शिवकुमार बेरिया 2 बार विधायक बनने के बाद मुलायम सिंह यादव के साथ हो लिए। इसके बाद से वे लगातार सपा से जुड़े रहे और 3 बार विधायक चुने गए और अखिलेश सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे। बेरिया को पिछले दिनों समाजवादी पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। अनुशासनहीनता का आरोप लगाते हुए समाजवादी पार्टी ने उन्हें छह साल के पार्टी से निष्कासित कर दिया था।
Published on:
09 Jan 2019 06:30 pm
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