
कोरोना के भय ने बदल दिए हैं इस शहर में स्वागत के मायने
औरंगाबाद(बिहार): ( Bihar News) शहर में प्रवेश करते ही बोर्ड लगा हुआ है औरंगाबाद नगर ( Here Change the meaning of Welcome ) परिषद में आपका स्वागत है। स्वागत के इस स्लोगन के मायने यहां के लोगों ने अब बदल दिए हैं। स्वागत करना तो दूर लोग एक-दूसरे से मेल-मिलाप से ही परहेज बरत रहे हैं। इतना ही नहीं कोरोना के कारण लागू हुए लॉक डाउन ने शहर में रहने वाले किराएदारों की ( Tenants in problem ) परेशानी बढ़ा दी है। मकान मालिक किराएदारों पर मकान खाली कराने का दवाब बना रहे हैं।
किराएदारों पर खाली करने दवाब
कोरोना को लेकर इस कदर दहशत व्याप्त है कि कई मकान मालिकों ने किराएदारों को उनके मूल निवास स्थानों पर भेज दिया है या फिर घर खाली करा लिए हैं। सामान्य दिनों में किराया मिलने के कारण मकान मालिक जहां एक दिन भी घर खाली रखना पसंद नहीं करते, वहीं अब किराएदारों को रफा-दफा करने में लगे हुए हैं। इससे किराएदारों की फजीहत हो रही है। लॉक डाउन के कारण किराएदारों को नए घर भी नहीं मिल रहे हैं। हालांकि लॉक डाउन के बाद हालात थोड़ें सुधरे हैं। इससे पहले मकान मालिकों ने किराएदारों पर पूरा दवाब बना रखा था।
आधिकारिक शिकायत नहीं
हालांकि मकानमालिकों द्वारा किराएदारों से घर खाली कराए जाने की कोई आधिकारिक शिकायत प्रशासन और पुलिस को नहीं मिली है, किन्तु किराए पर रहने वालों की परेशान पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। क्षेत्र में किराए पर रहने वाले कुछ लोगों ने बताया कि लॉक डाउन के बाद यातायात पूरी तरह बंद है। घर से बाहर निकलने वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई कर रही है। ऐसे में जाएं तो जाएं कहां।
जान है तो जहान है
मकान खाली कराने को लेकर मकानमालिकों की अपनी दलीलें हैं। उनका कहना है कि जान है तो जहान है, किराए से आमदनी तो बाद में भी हो जाएगी किन्तु फिलहाल कोरोना को लेकर बेहद सावधानी बरतने की जरुरत है। कोरोना के प्रति जागरुकता का आलम है जो कभी एक दिन भी आपस में मिले बगैर नहीं रहते थे, ऐसे कुछ लोगों ने घरों के आगे तख्तियां-पोस्टर लगा रखे हैं। जिन पर लिखा हुआ है प्रणाम अभी नहीं मिल सकते।
Published on:
28 Mar 2020 07:50 pm
