23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

शहर है पर गांव जैसी परेशानी 

नगर परिषद का वार्ड नंबर एक शहर में तो है, लेकिन यहां गांव जैसी समस्या आज भी है।

less than 1 minute read
Google source verification

image

Amitabh Gunjan

Jun 08, 2015

demo pic.

demo pic.

औरंगाबाद। नगर परिषद का वार्ड नंबर एक शहर में तो है, लेकिन यहां गांव जैसी समस्या आज भी है। यहां के लोगों को पेंशन योजना का लाभ नहीं मिल रहा है, दर्जनों लोगों के राशन कार्ड ही नहीं बने हैं। इसके अलावा समय-समय पर शिविरों का आयोजन भी नहीं होता है। गंदगी और अतिक्रमण से वार्ड पटा पड़ा है। लोगों

का भी कहना है कि शहर में होकर हमें गांव जैसी समस्या झेलनी पड़ रही है। इनका कहना है कि जल्द ही हमारे वार्ड की दशा सुधारने की दिशा में कोई पहल नहीं की तो हम आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

नगर परिषद औरंगाबाद की यह विडंबना है कि जिस मुहल्ले को जोड़ कर वार्ड-1 का नाम दिया गया वहां सुविधाएं नदारद हैं। पेंशन योजना फेल है वहीं दर्जनों ऐसे लोग हैं जिन्हें राशन कार्ड नहीं मिल सका है। यहां कभी भी किसी तरह के शिविर का आयोजन नहीं किया गया और यदि किसी ने योजना का लाभ लेने के लिए कोई आवेदन दिया तो उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।

यहां की अनेक महिलाओं ने कहा कि इस वार्ड में न तो हैंडपंप है और न ही इंदिरा आवास योजना का लाभ मिलता है। सरकारी योजनाओं का यहां कोई मतलब नहीं रह गया है। शौचालय का निर्माण नहीं हो सका जिसके कारण बीमारी फैलने की आशंका बनी रहती है। जल्द ही यहां के लोग आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं।

ये भी पढ़ें

image