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Petrol Pump Fraud: चीट-चिप से लेकर नॉजिल तक, इस तरह पेट्रोल पंप पर कट ही है आपकी जेब! जानिए कैसे बचें और कहां करें शिकायत

पेट्रोल-पंप पर बहुत ही आसानी से धोखाधड़ी हो रही है, इसके लिए कुछ फ़्यूल स्टेशन पर चीट-चिप का भी इस्तेमाल किया जाता है। हाल ही में यूपी में पुलिस ने एक सप्लायर को गिरफ़्तार किया था, जो कि फ्यूल स्टेशन पर इस तरह के चीट-चिप की सप्लाई करता था।

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Petrol Pump Fraud: चीट-चिप से लेकर नॉजिल तक, इस तरह पेट्रोल पंप पर कट ही है आपकी जेब! जानिए कैसे बचें और कहां करें शिकायत

Petrol Pump Fraud: पेट्रोल-डीजल की कीमतें ही केवल लोगों की परेशानी का शबब नहीं हैं, बल्कि पेट्रोल पंप या फ़्यूल स्टेशन पर होने वाले फ्रॉड भी लोगों की जेब काट रहे हैं। आए दिन लोगों से ये सुनने को मिल जाता है कि, उनकी कार या बाइक पहले जितना माइलेज नहीं दे रही है। इसका ताल्लूक केवल वाहन के मेंटनेंस से ही नहीं है बल्कि पेट्रोल पंप पर होने वाले फ्रॉड भी इसका प्रमुख कारण हैं, क्योकि उक्त लोग जितनी कीमत अदा रहे हैं उतना उनको ईंधन नहीं मिल रहा है।

यदि आपके साथ भी ऐसा कुछ हुआ है तो आपको तत्काल सजग होने की जरूरत है, आज हम आपको पेट्रोल पंप पर होने वाली ऐसे ही धोखाधड़ियों के बारे में बताएंगे, कि आखिर आप किस तरह से इनसे बच सकते हैं। साथ ही हम आपको ये भी बताएंगे कि इस स्थिति में आप कहां और किससे शिकायत करें-


1: नज़र हटी और हो गया खेल:

ये एक बेहद ही सामान्य सी बात है लेकिन ज्यादातर लोग जल्दबाजी में इस बात पर गौर नहीं करते हैं। फ़्यूल भराते समय सबसे पहले मीटर पर नजर डालें, और देखें कि मीटर में जीरो दिखा रहा है या नहीं। फ़्यूल भरते समय पूरे वक्त मीटर पर नजर रखें, हो सकता है कि मौके पर मौजूद अटेंडेंड मीटर को देखने में बाधा उत्पन्न करने के लिए वो मीटर के सामने आए, ऐसे में उसे तत्काल दूर हटने के लिए बोलें। यदि आप कार चला रहे हैं तो फीलिंग होते समय बेहतर होगा कि आप कार से बाहर निकलें और मीटर के साथ ही फ़्यूल नॉजिल पर भी नजर रखें।


2: फिल्टर पेपर से करें जांच:

धोखाधड़ी के कई और तरीके भी हैं, कुछ पेट्रोल पंर मिलावटी फ़्यूल बेचकर लोगों को चूना लगाते हैं। आपको बता दें कि, उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986 के अनुसार, देश के सभी पेट्रोल पंपों को फिल्टर पेपर का स्टॉक रखना आवश्यक है। अगर कोई उपभोक्ता ईंधन की जांच करना चाहता है और वो फिल्टर पेपर टेस्ट की मांग करता है तो नियमानुसार पेट्रोल पंप का मैनेजेंट इस बात से इंकार नहीं कर सकता है।

इसके आपको बस इतना करना है कि फिल्टर पेपर पर पेट्रोल की कुछ बूंदें डालें और अगर यह बिना दाग छोड़े हवा में उड़ जाता है यानी कि वाष्पित हो जाए तो आप सुनिश्चित हो सकते हैं कि पेट्रोल शुद्ध है। यदि पेट्रोल कुछ दाग छोड़ कर वाष्पित हो जाता है तो यह संकेत देता है कि पेट्रोल मिलावटी है। इस तरह आप ठगे जाने से बच सकते हैं।


3: गलती हो गई साहेब:

कई बार ग्राहक पेट्रोल पंपों पर कम ईंधन भरने का शिकार हो जाते हैं। मोटर चालकों को धोखा देने के लिए पंपों द्वारा उपयोग की जाने वाली एक सामान्य सी ट्रिक होती है। फ़्यूल भरते समय अटेंडेंट अचानक कहता है कि गलती से उसने मीटर में कम राशि दर्ज की है, और यहीं पर आपके साथ धोखा होता है। मसलन, यदि आप 2,000 रुपये का फ़्यूल भरने के लिए कहते हैं, ऐसे में अटेंडेंट केवल 1000 रुपये का ईंधन भरता है और अपनी गलती मानते हुए कहता है कि उसने मीटर में कम राशि दर्ज की है, और फिर वो मशीन को रीसेट करने का नाटक करता है।

आपको लगता है कि उसने मशीन को रीसेट कर दिया है, लेकिन वो ऐसा कुछ नहीं करता है और मीटर को आपकी नज़रों से ब्लॉक करते हुए फ़्यूल को भरना जारी रखता है। अंत में आपको लगता है कि उसने हजार-हजार रुपये के ईंधन को दो बार भरा है, लेकिन ऐसा नहीं होता है। आपको महज 1,000 रुपये का ही ईंधन प्राप्त होता है।


4: नाप-तोल का खेल:

कई बार कुछ पेट्रोल पंप अपनी मशीनों से छेड़छाड कर के उसे ऐसे सेट करते हैं कि मशीन के मीटर की स्पीड और नॉजिल से निकलने वाले ईंधन की रफ़्तार में अंतर होता है। ऐसे में वो बिना किसी परेशानी के आसानी से ग्राहकों को कम ईंधन बेचकर अपनी जेबें भरते हैं। यदि आपको मात्रा पर संदेह है, तो आप मापने के परीक्षण के लिए कहें। पेट्रोल पंपों में आमतौर पर तौल और माप विभाग द्वारा आपूर्ति किए जाने वाले 5-लीटर के जार होते हैं। इसका उपयोग कैन को स्वयं भरने के लिए करें और यदि राशि से कम कुछ भी भरता है, तो आप पुलिस को पंप की सूचना दे सकते हैं।


5: हाई-वे पर कट रही है जेब:

यदि आप अपने शहर में ही ड्राइव कर रहे हैं तो सदैव किसी प्रतिष्ठित पेट्रोल पंप से ही ईंधन भरवाने का काम करें। इसके अलावा यदि आपको कहीं लंबी दूरी तय करनी हो तो पहले से ही अपने पहचान और विश्वस्त स्टेशन से ही ईंधन भरवाएं। कई बार लोग ये सोचकर लांग ड्राइव के लिए घर से निकलते हैं कि वो रास्ते में कहीं ईंधन भरवा लेंगे, लेकिन ऐसा करना धोखे को दावत देने जैसा है। हाई-वे पर मौजूद पेट्रोल पंर स्टेशन के अटेंडेंड कार का रजिस्ट्रेशन प्लेट देखकर ही अंदाज लगा लेते हैं कि उक्त वाहन मालिक दूसरे शहर या राज्य का है और ऐसे में वो उपर दिए गए किसी भी हथकंडे का इस्तेमाल कर धोखे का खेल कर देते हैं।


कहां करें शिकायत:

Indian Oil के लिए कस्टमर केयर नंबर 1800-2333-555 पर बात कर सकते हैं या आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करें। भारत पेट्रोलियम के ग्राहक शिकायत के लिए कस्टमर केयर नंबर 1800 22 4344 पर बात करें या वेबसाइट पर विजिट करें। हिंदुस्तान पेट्रोलियम के ग्राहक भी कंपनी की आधिकारिक वेटसाइट पर विजिट कर सकते हैं। इसके अलावा आज के समय में ट्वीटर पर भी संबंधित कंपनी के ऑधिकारिक ट्वीटर हैंडल पर शिकायत की जा सकती है। सोशल मीडिया पर इस समय तेजी से मामले की सुनवाई देखने को मिल रही है।

यूपी में धरा जा चुका है धोखे का कारोबारी:

उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। जो कथित तौर पर चीट-चिप का सप्लायर है, इस चिप की मदद से कम मात्रा में ईंधन देकर ग्राहकों को धोखा दिया जाता है। स्पेशल टास्क फोर्स इस मामले की जांच कर रही थी और आखिरकार उन्होंने लखनऊ के पारा इलाके से इलेक्ट्रॉनिक चिप बेचने वाले शख्स को पकड़ लिया। हालांकि गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने कहा कि ऐसा संदेह है कि राज्य भर के 80 फीसदी से ज्यादा पेट्रोल पंप करोड़ों रुपये के इस घोटाले में लोगों को ठगने के लिए इन चिप्स का इस्तेमाल कर रहे हैं।