
Harley Davidson : क्यों थम गया भारत में ‘हार्ले डेविडसन’ का सफर ?
जयपुर. अमरीकी दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी हार्ले डेविडसन को भारत का बाजार रास नहीं आया, कंपनी ने पिछले दिनों भारत से विदाई ले ली। कंपनी ने करीब एक दशक पहले हरियाणा के बावल में असेंबलिंग प्लांट स्थापित किया था। यहां बाइक के सभी पुर्जे अमरीका से लाए जाते थे और यहां असेंबल कर बाइक तैयार होती थी। इसके यों बंद होने के पीछे बड़ा कारण तो स्वाभाविक रूप से बिक्री कम होने से हुआ घाटा ही है। अब तक कंपनी महज 27 हजार बाइक ही बेच पाई है। लेकिन ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम भी एक वजह है। जिसमें सरकार स्वदेशी ऑटो कंपनियों को मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने के लिए 23 अरब डॉलर की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा कर चुकी है। टोयोटा मोटर्स ने भी विस्तार की योजना को फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल दिया।
बाजार में पकड़ बनाने के लिए सस्ते मॉडल भी निकाले, लोगों ने खारिज कर दिए
भा रत में दोपहिया वाहन का बाजार आसान कभी नहीं रहा। कुछ शौकीन लोगों को छोड़ दें तो अधिकांश लोग सस्ती और टिकाऊ बाइक ज्यादा पसंद करते हैं। डेविडसन की कीमत भारतीय बाजार में 4 लाख 70 हजार से शुरू होकर 11 लाख तक है। जबकि इसकी प्रतिद्वंद्वी भारतीय बाइक की कीमत डेढ़ लाख के करीब है। यहां अच्छे माइलेज की बाइक 50 से 70 हजार तक मिल जाती हैं। जाहिर सी बात है कि हार्ले भारत के बड़े बाजार को समझ नहीं सकी। पिछले छह वर्ष में प्रीमियम सेगमेंट वाली बाइकों की संख्या में भी वृद्धि हुई है। हालांकि हार्ले ने भारतीय बाजार पर पकड़ बनाने के लिए कुछ सस्ते एडिशन निकाले, लेकिन लोगों ने इन्हें खारिज कर दिया।
Published on:
03 Oct 2020 11:45 pm
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