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ऑटो सेक्टर में बढ़ रहा है महिलाओं का दबदबा! Tata से लेकर MG तक कई कंपनियों की गाड़ियों के निर्माण में निभा रही अहम भूमिका

Tata Motors ने पुणे में एक शॉप शुरू किया है जिसमें पूरी तरह से महिला कर्मचारियों को शामिल किया गया है, और अब तक इस शॉप में 1,100 महिलाएं कार्यरत हैं। अगले दो महीनों में इसे और बढ़ाकर 1,500 करने की योजना है।

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Women Employees Rate Increasing in Auto Manufacturing Sector- Photo / Ashwin Tiwary

देश के ऑटो सेक्टर में महिलाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है। कई वाहन निर्माता कंपनियां जेंडर डाइवर्सिटी (Gender Diversity) पर तेजी से काम कर रही है, जिसका नतीजा है कि एक समय में पुरूषों का गढ़ माने जाने वाले ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में महिलाओं की भूमिका बढ़ रही है। टाटा मोटर्स, एमजी मोटर, हीरो मोटोकॉर्प और बजाज ऑटो जैसी कई कंपनियों ने अपने यहां महिला कर्मचारियों की संख्या में तेजी से इजाफा किया है।

आपको याद होगा कि, बजाज ऑटो ने जब साल 2020 में अपने पहले इलेक्ट्रिक स्कूटर Bajaj Chetak को लॉन्च किया था, उस वक्त दावा किया था कि ये दुनिया का पहला स्कूटर है जिसका निर्माण मशीनों के अतिरिक्त केवल महिला कर्मचारियों द्वारा किया गया है।

ET Auto की एक रिपोर्ट के अनुसार, देश की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी टाटा मोटर्स, जिसके पास वर्तमान में भारत में अपने 6 संयंत्रों में 3,000 से अधिक महिलाएं हैं, जो छोटी यात्री कारों से लेकर भारी वाणिज्यिक वाहनों तक का निर्माण में अहम भूमिका निभा रही हैं। कंपनी कारखाने के कर्मचारियों में और भी अधिक महिलाओं को जोड़ने की योजना बना रही है।

इसी तरह, एमजी मोटर इंडिया भी जेंडर-बैलेंस यानी कि लिंग-संतुलित कार्यबल की योजना पर काम कर रहा है, जिसके तहत दिसंबर 2023 तक कंपनी के फैक्ट्रियों में महिला कर्मचारियों की संख्या कुल कार्यबल का 50 प्रतिशत होगा। इस समय कंपनी के प्लांट में महिला कर्मियों की हिस्सेदारी तकरीबन 34 प्रतिशत है।


Hero MotoCorp में भी बढ़ रही है संख्या:

दूसरी ओर दुनिया की सबसे बड़ी टू-व्हीलर निर्माता कंपनी (बिक्री के लिहाज से) हीरो मोटोकॉर्प में भी 2021-22 के अंत तक 1,500 से अधिक महिला कर्मचारी काम कर रही हैं, जो कि कुल संख्या का तकरीबन 9.3 प्रतिशत है। कंपनी का लक्ष्य निकट भविष्य में इसे काफी हद तक बढ़ाना है।}

वहीं बजाज ऑटो, जिसके पास पूरी एक वूमेन असेंबली लाइन है, कंपनी के पुणे के चाकन प्लांट में डोमिनार 400 और पल्सर आरएस 200 जैसी हाई-एंड बाइक्स के निर्माण में भी महिला कर्मचारियों की अहम भूमिका है। साल 2014 से लेकर अब तक महिला कर्मियों की संख्या चार गुना बढ़कर 667 हो गई है। कंपनी की 2021-22 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 64 प्रतिशत महिलाएं प्लांट में इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट में काम कर रही हैं।


टाटा मोटर्स के अध्यक्ष और मुख्य मानव संसाधन अधिकारी रवींद्र कुमार ने ET Auto के हवाले से बताया कि, "कंपनियों ने महिलाओं को प्रमुख पदों पर रहने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए एक व्यापक ढांचा तैयार किया है, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि आदर्श मानदंड और वास्तविकता के बीच एक व्यापक अंतर है।" उन्होंने कहा कि कंपनी के पुणे स्थित पैसेंजर व्हीकल प्लांट ने पिछले दो वर्षों में अपने महिला कर्मचारियों की संख्या में लगभग 10 गुना वृद्धि देखी है, जो अप्रैल 2020 में 178 कर्मचारियों से बढ़कर अब तक 1,600 हो गई है।

कुमार ने कहा, "हमने पुणे में एक शॉप शुरू किया है जिसमें पूरी तरह से महिला कर्मचारियों को शामिल किया गया है, और अब तक इस शॉप में 1,100 महिलाएं कार्यरत हैं। हम अगले दो महीनों में इसे और बढ़ाकर 1,500 करने की योजना बना रहे हैं।" .


एमजी मोटर इंडिया ने गुजरात के हालोल स्थित प्लांट में महिलाओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दे रखी हैं। यहां पर महिला कर्मचारी वाहनों की मैन्युफैक्चरिंग के दौरान पेंट की गुणवत्ता और सतह परीक्षण, अनुसंधान और विकास (आर एंड डी), असेंबली में तैनात की गई हैं। आपको बता दें कि, भारतीय बाजार में MG के पहले वाहन MG Hector का निर्माण इसी प्लांट में किया गया है और इसके निर्माण में महिलाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

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