1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Ayodhya. इस चमत्कारिक मंदिर में बारह ज्योतिर्लिंगों के एक साथ होते हैं दर्शन, जाने इस मंदिर का रहस्य

अयोध्या में राम की पैड़ी पर स्थापित भगवान विष्णु और भगवान भोलेनाथ का चंद्रहरि मंदिर

2 min read
Google source verification
दर्शन मात्र से पूरी होती है मनोकामना

दर्शन मात्र से पूरी होती है मनोकामना

Ayodhya. विश्व विख्यात राम नगरी अयोध्या में लाखों श्रद्धालु दर्शन पूजन के लिए आते है। राम जन्मभूमि के साथ 8000 मंदिर व पवित्र स्थल है। वहीं सरयू घाट स्थित एक ऐसा अद्भुद मंदिर है। जहां पर एक साथ बारह ज्योतिर्लिंगों का दर्शन प्राप्त होता है। कहा जाता कि इस स्थान पर अभिषेक करने से मनोकामना पूरी होने के साथ दुश्मनों का नाश हो जाता है।

इस मंदिर में स्थापित है बारह ज्योतिर्लिंग

सरयू तट पर बसी स्वर्गद्वार क्षेत्र में राम पैडी के पास स्थित प्राचीन चन्द्र हरि मंदिर है। जिसके बारे में बताया जाता है कि इस मंदिर को भगवान चन्द्रमा द्वारा स्थापित किया गया था। जो कि इसका महत्व कई धार्मिक ग्रंथो व पुराणों में वर्णित है। सैकड़ों वर्षों पूर्व इस मंदिर को महाराज विक्रमादित्य द्वारा पुनः जीर्णोद्धार किया गया। तब से लेकर आज भी यह मंदिर स्थापित है। इस मंदिर में भगवान चंद्र्हरेश्वर के साथ बारह ज्योतिर्लिंग भी स्थापित है।

इस मंदिर में स्थापित है प्राचीन कुआं

इस मंदिर एक प्राचीन कुआं भी है। जिसके बारे में स्कंध पुराण में बताया गया है कि स्वर्गद्वार के इस मंदिर में प्रवेश करने मात्र से जन्म जन्मान्तर के पाप नष्ट हो जाते है। तथा लिखा है कि यह स्थान भगवान विष्णु की परम शक्ति का स्थान है। जहां मंदिर में स्थापित कुएं के जल से स्नान कर वस्त्र व आनाज दान करने से बड़ा फल मिलता है। इस मंदिर की परंपरागत प्रत्येक वर्ष के एक माह तक धनुर्मासमहोत्सव का आयोजन होता है। जिसे श्री गोदाम्बा पर्व कहा जाता है।

दर्शन मात्र से पूरी होती है मनोकामना

इस मंदिर की महत्व को बताते हुए आचार्य सतेन्द्र दास ने कहा कि चंद्र्हरि का मतलब होता है कि भगवान शिव और भगवान विष्णु की परम शक्ति वहां पर उपस्थित है और द्वादश ज्योतिर्लिंगों की स्थापना भी है। पृथ्वी पर विद्यमान बारह ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए कई स्थानों पर जाते है और उस स्थान के पुण्य प्राप्ति के लिए वह सिर्फ अयोध्या के इस चन्द्र हरि में दर्शन करने से प्राप्त होता है । तथा जो व्यक्ति जो कमाना लेकर जाता है उसे उस प्रकार की फल की प्राप्ति होती है। अयोध्या एक पवित्र स्थल है यहां पर और भी स्थान है जो कि काफी पवित्र माना जाता है।