
मोरारी बापू को सुनने पहुंचीं मुंबई की 200 सेक्स वर्कर्स, अयोध्या के संतों में मचा भूचाल
अयोध्या. रामनगरी के संत एक बार फिर नाराज हैं, लेकिन इस बार वजह राम मंदिर नहीं बल्कि राम कथा है। इन दिनों अयोध्या में मशहूर कथा वाचक मोरारी बापू की रामकथा चल रही है, जिसे सुनने के लिए मुंबई से 200 गणिकायें (सेक्स वर्कर्स) पहुंची हैं। अयोध्या में इनकी मौजूदगी से संतों का एक धड़ा बेहद नाराज है। उनका कहना है कि मोरारी बापू अयोध्या का वातावरण प्रदूषित कर रहे हैं और रामकथा रद्द करने की मांग की है। संतों के दूसरे धड़े ने मोरारी बापू के इस प्रयास को सराहनीय बताते हुए विरोध करने वालों पर निशाना साधा है।
गणिकाओं के क्षेत्र में जाएं मोरारी बापू : पवन दास शास्त्री
कथा व्यास महंत पवन दास शास्त्री ने कहा कि मोरारी बापू का अयोध्या में कई बार स्वागत हुआ है, लेकिन लेकिन इस बार वह सनातन धर्म की वर्जनाओं को तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। अगर वह गणिकाओं का जीवन स्तर सुधारना चाहते हैं तो कथा में खर्च होने वाला पैसा उन्हें बांट दें, ताकि उनका जीवन स्तर सुधर सके। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें गणिकाओं का हृदय परिवर्तन करना है तो उनके क्षेत्र में जायें, अयोध्या में नहीं। महंत ने कहा कि उनके समेत अयोध्या के तमाम संत इसका विरोध करते हैं और स्थानीय विधायक, सांसद और मुख्यमंत्री से इसकी शिकायत करेंगे।
कथा में आकर्षण के लिए गणिकाओं को बुलाया : ज्योतिषाचार्य
ज्योतिषाचार्य प्रवीण शर्मा ने कहा कि मोरारी बापू वह अपनी कथा में आकर्षण पैदा करने के लिए गणिकाओं को एकत्र कर रहे हैं। इस कार्यक्रम से कथा वर्जनाएं और मान्यता का स्वरूप नष्ट होने का खतरा है। वह इसे रद्द करने की मांग करते हैं।
अयोध्या को अपवित्र करने का नया ड्रामा : शिवसेना
शिवसेना के नेता संतोष दुबे ने कहा कि हम कथा का नहीं, बल्कि उनकी कार्यशैली का विरोध कर रहे हैं। मोरारी बापू द्वारा सेक्स वर्कर्स को रामकथा सुनाना अयोध्या को अपवित्र करने का नया ड्रामा है।
मोरारी बापू की कथा का समर्थन : सत्येंद्र दास
रामजन्म भूमि के पुजारी सत्येंद्र दास ने कहा कि वह और अयोध्या के जितने भी बड़े संत हैं, मोरारी बापू द्वारा गणिकाओं का रामकथा सुनाने का समर्थन करते हैं और उनके साथ हैं।
विरोधियों को शास्त्र का ज्ञान नहीं : स्वामी परमहंस
स्वामी परमहंस ने कहा कि मोरारी बापू का यह कदम बेहद सराहनीय है, जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं, उन्हें अध्यात्म की जानकारी नहीं हैं। मोरारी बापू का विरोध करने वाले दो तरह के लोग हैं एक वह जिन्हें शास्त्रों का ज्ञान नहीं है और दूसरे वह जिन्हें तवज्जो नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि वह अयोध्या में गणिकाओं का स्वागत करते हैं। दत्तात्रेय भगवान की 24वीं गुरू भी एक गणिका ही थी।
मानस में गणिका उद्धार की बात : मोरारी बापू
अयोध्या पहुंचे मोरारी बापू ने कहा कि राम नगरी में आकर उन्हें आत्मिक शांति मिली और मन प्रसन्न हो गया। गणिकाओं को बुलाने पर उन्होंने कहा कि तुलसीदास जी रामचरित मानस में गणिकाओं के उद्धार की बात लिखी है। जिसने भी मानस पढ़ा है उसे पता है। हनुमान जी की प्रेरणा से इस बार गणिकाओं पर कथा कहूंगा, जो समाज में उपेक्षित और तिरस्कृत हैं।
23 से 30 दिसंबर तक चल रही है रामकथा
मोरारी बापू की कथा अयोध्या के बड़ा भक्तमाल की बगिया में चल रही है, जो 23 से 30 दिसंबर तक चलेगी। रामकथा के लिए 70 हजार वर्ग फीट का भव्य पांडाल तैयार किया गया है। उनकी कथा सुनने के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंच चुके हैं। मोरारी बापू रामकथा दो पालियों में कहते हैं। पहली पाली की कथा सुबह 9:30 बजे से दोपहर 1:30 तक चलती है, वहीं दूसरी पाली की कथा अपराह्न 3:30 बजे से शुरू होती है। मुंबई से एक एनजीओ के साथ आईं 200 गणिकाएं मोरारी बापू की रामकथा में हर रोज वक्त से आती हैं और बैठती हैं।
Published on:
25 Dec 2018 01:49 pm
बड़ी खबरें
View Allअयोध्या
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
