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अयोध्या. धार्मिक नगरी अयोध्या के साकेत महाविद्यालय के संविदा कर्मचारी व दैनिक वेतन भोगी 22 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया दिया गया । अचानक हुए इस कार्यवाही से सभी कर्मचारी काफी आक्रोशित देखे। इस क्रम सभी कर्मचारियों ने श्रम विभाग का सहारा लिया। निकाले गए कर्मचारी संजय पाण्डेय ने बताया कि साकेत महाविद्यालय के प्रबन्ध समिति के द्वारा एक समझौता पत्र पर हस्ताक्षर न करने को लेकर यह कार्यवाही किया गया है।
एक्से पूर्व ही मानदेय को उचित रूप में करने को लेकर सम्बंधित अधिकारियों को और मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया गया था। महाविद्यालय द्वारा किया गया यह कार्य गलत है। हम से कई कर्मचारी अपना जीवन का 20 से 30 वर्ष तक का कार्य कर चुके है। इसके सम्बन्ध में पहले कभी भी कोई नोटिस नहीं दिया गया है। इस महाविद्यालय के प्रधानाचार्य अजय मोहन श्रीवास्तव ने कर्मचारियों की उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर करने से रोक लगा दी है।
प्रधानाचार्य अजय मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि 26 फरवरी को प्रबंध समिति की बैठक में इस आशय का निर्णय लिया गया था। बताया पहले छात्रों की संख्या काफी हुआ करती थी, लेकिन अब वर्तमान में छात्रों की संख्या आधे से भी कमी होने के कारण इन कर्मचारियों को एक का माह अतिरिक्त वेतन के देकर इन्हें कार्य से विरक्त कर दिया गया। और यह आश्वासन दिया गया कि भविष्य में आवश्यकता के अनुसार इन लोगोंं की सेवाएं ली जाएंगी।
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निकाले गए कर्मचारियों में देवीशंकर का कहना है कि हमारा मुकदमा न्यूनतम वेतनमान को लेकर श्रम न्यायालय में चल रहा है। हम लोगों के ऊपर साकेत प्रशासन दबाव बना रहा है। वे एक समझौता पत्र पर हस्ताक्षर करने के लिए हम लोग कह रहे थे उस पत्र पर हम लोगों ने हस्ताक्षर नहीं किए इसलिए हम लोगों को निकाल दिया गया।
Published on:
09 Mar 2018 02:52 pm
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