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अयोध्या में ऐतिहासिक होगा 42 फुट के रावण का दहन, जाने इस आयोजन की खास तैयारो

राम नगरी अयोध्या 70 वर्षों से चल रही प्राचीन परंपरा वाली रामलीला के आयोजन में रावण दहन का हुआ विशेष तैयारी

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रामलीला के आयोजन में रावण दहन

रामलीला के आयोजन में रावण दहन

राम नगरी अयोध्या में एक बार फिर विजयादशमी के मौके पर धर्म व सनातन संस्कृति की रक्षा को दर्शाते हुए 42 फुट ऊंचे रावण का दहन किया जाएगा। और यह कार्यक्रम राम जन्मभूमि से कुछ ही दूरी पर चल रहे रामलीला के आयोजन में होगा। इस दौरान अयोध्या के साधु संत व अयोध्यावाशी भी इस पल को उत्सव के रूप में मनाएंगे। अयोध्या के 70 वर्ष पुरानी रामलीला के आयोजन की इस बार भी रावण दहन की तैयारी बृहद स्तर पर है। तो वहीं अयोध्या के अन्य स्थानों पर भी होने वाली रामलीला में रावण दहन विशेष रूप से आयोजित किया जाएगा।

राम मंदिर से महज 1 किलोमीटर दूर पर होती है रामलीला

अयोध्या के राम मंदिर से 1 किलोमीटर दूर स्थित राजेन्द्र निवास चौराहे पर 7 दशक से रामलीला का आयोजन किया जा रहा है। प्रत्येक वर्ष अयोध्या में रावण दहन की विशेष तैयारी की जाती है इस बार भी इस पूरे आयोजन को हाथ रूप दिया गया है 42 फुट ऊंचे 10 मुख वाले रावण को तैयार किया जा रहा है। और शाम होते ही रामलीला का आयोजन के दौरान रावण का दहन किया जाएगा।

1950 से चल रही रावण दहन की परंपरा

इस रामलीला के आयोजन समिति के सदस्य डॉक्टर प्रभाकर मिश्र ने बताया कि 1950 से अयोध्या के बीच राजेंद्र नगर चौराहे पर रामलीला का आयोजन किया जाता रहा है आज भी इस रामलीला की परंपरा को विधि-विधान पूर्वक निभाया जा रहा है भगवान श्री राम के जन्म से लेकर उनके वनवास, भरत मिलाप, सीता हरण, लंका दहन और फिर रावण वध का आयोजन किया जाता है इसके पश्चात भगवान श्री राम के राज्याभिषेक का भी आयोजन बड़े धूमधाम से आयोजित होता है। कहा कि विजयादशमी के मौके पर 42 फुट ऊंचे रावण को जलाए जाने की तैयारी की गई है जो कि देर रात 9:45 पर दहन करने का मुहूर्त भी रखा गया है।