
पुजारियोँ को किया जाएगा प्रशिक्षित
Ayodhya: जनवरी 2024 में राम मंदिर में रामलला के विराजमान होने के बाद उनके आरती और भोग में भी बदलाव कर दिया जाएगा। और दिन भर में 6 बार आरती किया जायेगा। इसके साथ ही पूजरियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
पहली आरती सुबह 5:00 बजे राम लाल को जगाने के बाद कि जाएगी जिसे मंगला आरती के रूप में जाना जाता है।
दूसरी आरती सुबह 6 बजे के लगभग होगा। जब रामलला का अभिषेक कर वस्त्र धारण कराकर श्रृंगार करने के बाद होगी जिसे श्रृंगार आरती कहा जाता है।
तीसरी आरती दोपहर 12:00 बजे के लगभग होगी इस दौरान रामलला को विभिन्न व्यंजनों से भोग लगाया जाएगा। और कुछ समय के लिए शयन के लिए गर्भगृह के द्वारा बंद किए जाएंगे। जिसे राजभोग आरती कहा जाता है।
चौथी आरती रामलला को पुनः जगाने के बाद किया जाएगा जिसे उत्थान आरती कहा जाता है।
पांचवी आरती दिन ढलने के दौरान रामलला की आरती उतारी जाएगी जिसे संध्या आरती कहा जाता है।
छठवीं आरती देर शाम होगी जब रामलला को भोग लगाएं जाने के बाद शयन के लिए आरती उतारने के बाद मंदिर को बंद किया जाएगा।
रामलाल की नीति आरती होगी प्रथम आरती सुबह रामलाल को जगाने के साथ होगी जिसे मंगला आरती के नाम से जाना जाएगा दूसरी आरती कर वस्त्र धारण के बाद कराया जाएगा जो श्रृंगार आरती होगा
पुजारियोँ को किया जाएगा प्रशिक्षित
राम मंदिर में पूजन का विशेष प्रबंध किए जाने के सात पुजारियोँ को रामोपासना संबंधित शास्त्र और देव भाषा संस्कृति का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद ही पुजारी को रामलला की सेवा में नियुक्ति की जाएगी ।
Published on:
05 Sept 2023 10:18 pm
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