18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राजा राम अवध रजधानी: उम्मीदों की दीवाली लिखेगी जगमग भविष्य की कहानी

दर्द से कराह रही अयोध्या को अपने राजा राम की अवध वापसी का इंतजार है।

2 min read
Google source verification
diwali

अयोध्या से डॉ. संजीव

- कंचन कलस बिचित्र संवारे। सबहिं धरे सजि निज निज द्वारे॥
बंदनवार पताका केतू। सबन्हि बनाए मंगल हेतू॥

वनवास के बाद जब मर्यादा पुरुषोत्तम राम अयोध्या वापस आए, तो अयोध्यावासियों की तैयारी कुछ इन्हीं पंक्तियों के साथ गोस्वामी तुलसीदास ने राम चरित मानस में दर्शाई थी। राजा राम की राजधानी अयोध्या एक बार फिर आह्लादित है। उत्साहित लोग अपने राम की वापसी की सालगिरह मनाने के लिए अयोध्या को सजाने की तैयारी कर रहे हैं। योगी आदित्यनाथ अपनी कैबिनेट के साथ इस बार दीवाली मनाने अयोध्या जा रहे हैं तो अवध की प्रजा भी इस उ मीदों की दीवाली से जगमग भविष्य की कहानी लिखे जाने की आस लगाए है।


अयोध्या में प्रवेश करते ही वर्षों की उपेक्षा का दंश साफ नजर आने लगता है। हरि की पैड़ी की तर्ज पर बनी राम की पैड़ी बेपानी है और श्रीराम अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले लोग तड़प रहे हैं। ऐसे में दर्द से कराह रही अयोध्या को अपने राजा राम की अवध वापसी का इंतजार सा है। वरिष्ठ पत्रकार हरीकृष्ण अरोड़ा के मुताबिक अयोध्या को कभी धर्मस्थल व पर्यटन स्थल के रूप में ठीक से विकसित ही नहीं किया गया। अब योगी सरकार द्वारा यहां दीवाली मनाए जाने की घोषणा के बाद अयोध्यावासियों के मन में एक बार फिर उ मीद जगी है। उन्हें लगता है कि जब सरकार यहां होगी तो समस्याओं के समाधान की राह भी निकलेगी। इधर, पिछले कुछ वर्षों से यहां रामलीला की भव्यता भी फीकी पड़ रही थी, अब उसमें भी बदलाव आएगा। अयोध्या के विकास की तमाम घोषणाएं निश्चित रूप से महाराज राम की इस राजधानी के लिए वैशिष्ट्य का संदेश लेकर आएंगी।


चतुर्मुखी दीप, वेदपाठी बालक


अयोध्या की इस दीपावली को श्रेष्ठतम स्वरूप देने में भी शासन-प्रशासन कोई कोर-कसर नहीं छोडऩा चाहता। इसके लिए तैयारिय़ां चल रही हैं। अयोध्या के वरिष्ठ पुरोहित पं.जनार्दन दत्त द्विवेदी के मुताबिक दीवावली की पूर्व संध्या पर चतुर्मुखी दीप प्रज्ज्वलित करने की परंपरा है। सरयू में भी यमदीपदान किया जाता है। इस आयोजन में भी ऐसा ही होगा। पांच सौ वर्ष पुराने सरयू मंदिर के पुजारी नेत्रदा प्रसाद मिश्र के मुताबिक लक्ष्मण घाट से नया घाट तक सरयू तट दीपों से जगमगा रहा होगा। इसका नेतृत्व संस्कृत विद्यालयों के वेदपाठी बालकों को सौंपा गया है। सभी संस्कृत विद्यालयों के ये वेदपाठी बालक कुर्ता-पैजामा व उत्तरीय के साथ विशिष्टता सहेजे होंगे।


रात बिताएंगे योगी


मु यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या में 18 अक्टूबर की शाम को पहुंचने के बाद न सिर्फ भगवान राम की अयोध्या वापसी शोभायात्रा की अगवानी करेंगे, बल्कि वहां रात भी बिताएंगे। दरअसल 18 अक्टूबर को हनुमान जयंती है। अयोध्या में आधी रात को हनुमान जयंती मनायी जाती है। योगी वहां रात में रुक कर न सिर्फ हनुमान जयंती समारोह का हिस्सा बनेंगे, बल्कि अयोध्या के हित की तमाम विकास योजनाओं की घोषणा भी करेंगे। उनकी इस यात्रा से भारतीय जनता पार्टी के नेता-कार्यकर्ता भी उत्साहित हैं। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विनय कटियार के मुताबिक मु यमंत्री रामभक्त हैं और अयोध्या से उनका लगाव जगजाहिर है। उनकी यह यात्रा और इस बार की दीवाली अयोध्या के लिए तमाम सौगात लेकर आएगी।


बड़ी खबरें

View All

अयोध्या

उत्तर प्रदेश

ट्रेंडिंग