
अयोध्या का दीपोत्सव
अयोध्या. Ayodhya deepotsav new preparations रामलला की नगरी अयोध्या को धार्मिक और आधुनिक नगरी बनाने में यूपी सरकार कोई कसर नहीं छोड़ रही है। अयोध्या विजन डॉक्यूमेंट के जरिए अयोध्या को भक्ति, शक्ति और उत्सव की नगरी बनाई जा रही है। अयोध्या विजन डॉक्यूमेंट में अयोध्या में सांस्कृतिक उत्सव को और अधिक बढ़ाने की सलाह दी गई है। अयोध्या में मनाए जाने वाले तीन दिनी दीपोत्सव को 15 दिन करने का प्रस्ताव बनाया गया है।
15 दिन बस कार्यक्रम ही कार्यक्रम :-अयोध्या विजन डॉक्यूमेंट में दीपोत्सव कार्यक्रम को बढ़ाने का नया रोड़मैप तैयार किया गया है। जिसमें कहा गया है कि, शारदीय नवरात्र से दीपोत्सव का आगाज होगा, और दीपावली तक अनवरत चलेगा। छोटी दीपावली के दिन घाटों पर दीप जलाए जाएंगे लेकिन शेष 14 दिन विविध प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन होंगे। इसके साथ ही परिक्रमा मार्ग पर भगवान राम जीवनवृत पर आधारित प्रदर्शनी, नई विकसित होने वाली ग्रीन सिटी में विविध आयोजन व पौराणिक स्थल भरतकुंड पर सांस्कृतिक आयोजन होंगे।
विदेशी पर्यटक हैं टारगेट :- अयोध्या में छोटी दीपावली के दिन राम की पैड़ी पर जलाए गए लाखों दीप की खूबसूरती पर्यटकों व श्रद्धालुओं के मन में बस गए हैं। और नए प्रस्ताव का उद्देश्य भी धार्मिक पर्यटकों को अपनी तरफ आकर्षित करने का है। काशी व मथुरा में अधिकतर विदेशी पर्यटक जाते हैं पर अयोध्या में इसकी आमद कम है। विजन डॉक्यूमेंट में माना गया है कि विदेशी पर्यटकों को काशी व मथुरा के सांस्कृतिक कार्यक्रम रिझाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए दीपोत्सव को अब दिव्य व भव्य बनानेे की रूपरेखा तैयार की गई है।
अयोध्या को बनाएंगे उत्सव धर्मी नगरी : वीसी विशाल सिंह
अयोध्या विकास प्राधिकरण वीसी विशाल सिंह का कहना है कि, अयोध्या को उत्सव धर्मी नगरी के रूप में विकसित किया जाना है। अयोध्या के विजन डॉक्यूमेंट में रूपरेखा तैयार की गई है। इसमें शारदीय नवरात्र से लेकर दीपावली तक 15 दिन लगातार उत्सव मनाया जाना है। इसमें आध्यात्म की दृष्टि से कई सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। पौराणिक स्थल भरत कुंड व नई विकसित होने वाली ग्रीन सिटी में विविध सांस्कृतिक आयोजन किए जाने हैं। परिक्रमा मार्ग पर भगवान राम के जीवन वृत से जुड़ी प्रदर्शनी लगाने की रूपरेखा तय की गई है।
जनवरी से दिसम्बर तक अयोध्या में उत्सव ही उत्सव :- अयोध्या में जनवरी माह में मकर संक्रांति, फरवरी माह में मौनी अमावस्या, मार्च माह में महाशिवरात्रि व रंगभरी एकादशी, अप्रैल माह में रामनवमी, मई माह में बुद्ध पूर्णिमा व जानकी नवमी, जून माह में गंगा दशहरा, जुलाई माह में गुरु पूर्णिमा, अगस्त माह में मणि पर्वत का झूलनोत्सव, अक्तूबर माह में शरद पूर्णिमा व विजयादशमी, नवंबर माह में कार्तिक नवमी दीपावली व दिसंबर माह में श्रीराम विवाहोत्सव मनाया जाता है। जिससे सभी बड़े ही जोश और खरोश के साथ मनाते हैं।
Published on:
28 Jun 2021 01:15 pm
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