
मस्जिद को आवंटित जमीन का कब्जा मिला, ट्रस्ट की पहली प्राथमिकता अस्पताल
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
अयोध्या. बाबरी मस्जिद के प्रमुख पक्षकार उ.प्र.सुन्नी वक्फ बोर्ड को सोहावल तहसील के धन्नीपुर गांव में 5 एकड़ जमीन पर कब्जा मिल गया है। कृषि विभाग ने अपने फार्म हाउस से भूमि की नापजोख करवाकर ट्रस्ट को कब्जा सौंप दिया है। फिलहाल, इस जमीन पर ट्रस्ट की पहली प्राथमिकता मस्जिद बनवाने की नहीं बल्कि अस्पताल निर्माण की है। अब जल्द ही ट्रस्ट बैंक खाता और अन्य कानूनी कार्यवाहियों के लिए पैन नंबर का आवेदन करेगा।
ट्रस्ट के सचिव अतहर हुसैन ने बताया कि भूमि के दस्तावेज मिलने के बाद अब जल्द ही ट्रस्ट का परमानेंट एकाउंट नंबर यानि पैन हासिल किया जाएगा। फिर उसका बैंक खाता खुलवा कर, आयकर से 80जी व अन्य औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। ट्रस्ट जमीन पर निर्माण कार्य शुरू करने के लिए जनसहयोग से धनराशि संकलित करना शुरू करेगा। उन्होंने कहा ट्रस्ट केन्द्र या राज्य सरकार से निर्माण के लिए आर्थिक सहयोग नहीं मांगेगा। उन्होंने कहा कि वहां बनने वाला अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस बड़ा अस्पताल अयोध्या व आसपास के सभी धर्म, संप्रदाय के लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं देगा।
इकबाल को तवज्जो न मिलने से नाराजगी
उधर, बाबरी मस्जिद के पक्षकार रह चुके इकबाल अंसारी ने सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन और इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन मस्जिद ट्रस्ट के अध्यक्ष जफर फारुखी पर नाराजगी भरा रुख अख्तियार किया है। अंसारी ने कहा कि उन्हें मस्जिद के लिए बनाए गए नए ट्रस्ट से कोई लेना-देना नहीं है, बल्कि वे इस बात से खुश हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंदिर के भूमिपूजन के लिए अयोध्या आ रहे हैं। दरअसल, इकबाल अंसारी शुरू से ही मांग करते रहे हैं कि 5 एकड़ भूमि में स्कूल और अस्पताल बनाया जाए। लेकिन, उनकी मांग को कोई तवज्जो नहीं दी गयी। उन्हें ट्रस्ट में भी शामिल नहीं किया गया।
Updated on:
30 Jul 2020 07:27 pm
Published on:
30 Jul 2020 07:18 pm
बड़ी खबरें
View Allअयोध्या
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
