
Ram Mandir: अयोध्या में छाया रामभक्ति का अद्भुत नजारा: Image Source - 'X' @IANS
Ram Mandir News: अयोध्या आज भक्ति और उत्साह की अभूतपूर्व तरंगों में डूबी है। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विवाह पंचमी के पावन अवसर पर आज दोपहर 12 बजे भगवा ध्वज फहराएंगे। यह ध्वजारोहण अभिजीत मुहूर्त में किया जाएगा। उत्सव ऐसा कि पूरा शहर दीपोत्सव जैसी रोशनी और सजावट से जगमगा रहा है। चौक-चौराहे और मुख्य मार्ग फूलों से सजे हैं और वातावरण में श्रद्धा का ऐसा गूंजता स्वर कि हर ओर त्रेता जैसा अद्भुत एहसास हो रहा है।
ध्वजारोहण समारोह के लिए अयोध्या को अद्वितीय आभा से सजाया गया है। मंदिर परिसर से लेकर नगर के मुख्य मार्गों तक भव्य सजावट की गई है। आने वाले श्रद्धालु, संत, अतिथि और गणमान्य लोग शहर की शोभा देखकर अभिभूत हो रहे हैं। कई सांस्कृतिक मंचों पर रामलीला, भजन संध्या और पारंपरिक लोककलाओं का आयोजन हो रहा है, जिनमें कलाकार भक्ति की धारा बहा रहे हैं।
राम जन्मभूमि बनाम बाबरी मस्जिद विवाद के पूर्व मुद्दई इकबाल अंसारी को इस ऐतिहासिक ध्वजारोहण कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया गया है। इस निमंत्रण ने धार्मिक सौहार्द और एकता का संदेश और मजबूत किया है। विभिन्न समुदायों के लोग इस आयोजन को राष्ट्र के लिए गौरवपूर्ण क्षण मानते हुए सम्मिलित हो रहे हैं।
शहरभर में रामधुन की ध्वनि गूंज रही है। श्रद्धालु सड़कों पर नृत्य करते हुए, हाथों में ध्वज लिए जय श्रीराम के उद्घोष कर रहे हैं। बड़ी संख्या में लोगों ने सरयू नदी में पवित्र डुबकी लगाकर पूजा-अर्चना के साथ मंदिरों में दर्शन-पूजन किया।
अत्यधिक भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त है। शहर में एसपीजी, एनएसजी, एटीएस और स्थानीय पुलिस बल तैनात हैं। ड्रोन निगरानी के साथ सभी मार्गों पर सतर्कता बढ़ाई गई है। रामपथ, भक्तिपथ, धर्मपथ और जन्मभूमि पथ में सुरक्षा और व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए विशेष दस्ते तैनात हैं।
फहराया जाने वाला समकोण आकार का भगवा ध्वज 10 फीट ऊंचा और 20 फीट लंबा है। इसमें भगवान सूर्य की तस्वीर, कोविदारा वृक्ष का चित्र और पवित्र ‘ॐ’ अंकित है। यह ध्वज रामनगरी की आध्यात्मिक शक्ति और देश की धर्म-सांस्कृतिक आस्था का प्रतीक माना जा रहा है।
ध्वजारोहण से पूर्व प्रधानमंत्री सुबह लगभग 10 बजे सप्त मंदिर पहुंचेंगे। वह महर्षि वशिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, महर्षि वाल्मीकि, देवी अहिल्या, निषादराज गुहा और माता शबरी मंदिर में शीश झुकाएंगे। इसके बाद शेषावतार और माता अन्नपूर्णा मंदिर में दर्शन करेंगे और फिर राम दरबार गर्भगृह में पूजन-अर्चन करेंगे।
Published on:
25 Nov 2025 09:37 am
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