
Ayodhya Ram Mandir : गर्भगृह की चौखट पर मकराना के सफेद मार्बल पर माथा टेकेंगे भक्त
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
अयोध्या. Ayodhya Ram Mandir Nirman- राममंदिर निर्माण की समय सीमा निर्धारित करने के साथ ही मंदिर निर्माण समिति ने मंदिर में लगने वाले पत्थरों और अन्य सामग्रियों की गुणवत्ता तय कर दी है। मंदिर के गर्भगृह, परकोटा निर्माण और दीवार बनाने में मुख्यतया चार तरह के पत्थरों का उपयोग होगा। गर्भगृह की चौखट जहां भक्त माथा टेकेंगे वहां मकराना का उच्च कोटि का सफेद मार्बल लगेगा। राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के अनुसार भगवान श्री रामलला के गर्भगृह की दीवार और खिड़कियां राजस्थान के बंसी पहाड़पुर के पत्थरों से बनेंगी। गर्भगृह की चौखट मकराना के सफेद मार्बल की होगी।
नींव निर्माण के बाद 16 फुट ऊंची बेस प्लींथ में मिर्जापुर स्टोन लगेगा। जबकि, नींव को पानी के रिसाव से बचाने के लिए प्लींथ के चारों ओर तीन लेयर में ललितपुर की ग्रेनाइट बिछाई जाएगी। इसके ऊपर तीन मंजिला 161 फुट ऊंची शिखर मंदिर का निर्माण राजस्थान के बंसी पहाड़पुर के पत्थरों से होगा। इसी तरह मंदिर की सुरक्षा के लिए भूमि के 12 फुट अंदर रिटर्निंग वॉल पर जोधपुर के स्टोन से परकोटा का निर्माण किया जाएगा।
सिंतबर तक भर ली जाएंगी सभी लेयर
नींव के निर्माण के लिए लगभग 44 लेयर बनायी जाएंगी। अभी तक 19 लेयर बन चुकी हैं। सितंबर तक लेयर निर्माण का कार्य पूरा हो जाएगा। फिर मिर्जापुर के लाल पत्थरों से नींव की प्लींथ का कार्य शुरू होगा।
यह भी पढ़ें : राम मंदिर का निर्माण- अब गर्भगृह की तैयारियां
नवंबर से शुरू होगा पत्थरों का काम
ट्रस्ट सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा के अनुसार मंदिर में नवंबर माह से पत्थर लगाने का काम शुरू हो जाएगा। राजस्थान के बंसी पहाड़पुर में अक्टूबर से पत्थरों की खदान शुरू होगी तब यहां भी पत्थर तराशी के लिए एक कार्यशाला खोली जाएगी।
किस काम में कितना पत्थर
परकोटा निर्माण-3 लाख 10 हजार घन फुट
बेस प्लींथ निर्माण-4 लाख घनफुट
पहले से तराशा गया- 1 लाख घनफुट
मंदिर निर्माण की समय सीमा तय
2023-श्री राम लला का भक्त कर सकेंगे दर्शन
2025- संपूर्ण रूप से राममंदिर हो जाएगा विकसित
यह भी पढ़ें : मंदिर निर्माण की डेट लाइन तय, इस तरह से शुरू होगा कार्य
Published on:
18 Jul 2021 08:18 pm
बड़ी खबरें
View Allअयोध्या
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
