
सबसे बड़ा मुद्दा :आखिर कौन कह रहा है अयोध्या को जंजीरों से आजाद करो
ग्राउंड रिपोर्ट
अनूप कुमार
अयोध्या . देश की सियासत में अहम स्थान रखने वाले अयोध्या जिले की संसदीय सीट फैजाबाद हमेशा ही चुनाव मुद्दा रही है। लेकिन, इस बार यहां राम मंदिर निर्माण का मामला कोई बड़ा मुद्दा नहीं है। अयोध्या के लोग बिजली,पानी,सडक़,रोजगार,शिक्षा,चिकित्सा और सुरक्षा जैसे मुद्दों की बात कर रहे हैं। हनुमानगढ़ी के पास रहने वाले कारोबारी सुफल चंद्र मौर्य कहते हैं , अयोध्या की जनता की जीविका का बड़ा साधन तीर्थाटन और धार्मिक आयोजन व मेले हैं। यदि मंदिर बन जाता है तो अयोध्या का विकास अपने आप ही हो जाएगा। इसलिए राम मंदिर को अयोध्या के विकास से अलग करके नहीं देखा जा सकता ।
अयोध्या के आम आदमी के लिए राम के साथ साथ रोटी की दरकार
पेशे से टेलर मोहम्मद जब्बी कहते हैं कि मंदिर-मस्जिद राजनेताओं का मुद्दा है। हमें तो अपने रोजगार से मतलब है। खुशी है अयोध्या में परिवर्तन दिख रहा है। सडक़ें दुरुस्त हुई हैं। बिजली की आपूर्ति और बेहतर हुई है। मंदिर-मस्जिद का फैसला कोर्ट को करना बेहतर होगा। कारोबारी सरदार मंजीत सिंह कहते हैं अयोध्या का विकास अलग मुद्दा है। लेकिन बड़ी परेशानी है कि आए दिन सुरक्षा के नाम पर आम जनता और व्यापारियों को प्रताडि़त किया जा रहा है। चारों तरफ सुरक्षा से जुड़ी पाबंदियां हैं ऐसे में विकास की बात कैसे की जा सकती है। जब जंजीरों से अयोध्या आजाद होगी तभी अयोध्या का विकास होगा।
अयोध्या में लगा विकास योजनाओं का मेला लेकिन ज़िम्मेदार नही निभा रहे ठीक से ज़िम्मेदारी
चिकित्सक जय शंकर दुबे कहते हैं अयोध्या के विकास के लिए वर्तमान सरकार संजीदा है। राम मंदिर का मुद्दा जबरदस्ती हल नहीं हो सकता है। समस्या का निवारण कोर्ट से ही होगा। आज अयोध्या को अच्छे बस स्टेशन, अस्पताल और सुरक्षा की जरूरत है। विकास की रोशनी अयोध्या की संकरी गलियों तक पहुंचे इसके लिए जिम्मेदारी से काम करने की जरूरत है।
25 साल का लंबा वक्त बीत जाने के बाद भी राजनैतिक दल लगा रहे एक दूसरे पर आरोप
आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता सभाजीत सिंह कहते हैं भाजपा ने चार दशक में राम मंदिर के नाम पर आम जनता को ठगा है। आज भी वह उसी मुद्दे पर वोट मांग रही है।
राम जन्म भूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास कहते हंै कि अयोध्या की पहचान श्री रामजन्म भूमि के कारण है। इसलिए जब तक जन्म भूमि विवाद हल नहीं होगा तब तक अयोध्या भी विवादित रहेगी। जिस दिन विवाद हल हो जाएगा उस दिन से अयोध्या का विकास अपने आप होने लगेगा।
मंदिर-मस्जिद मुद्दे पर अयोध्या में कोई आपसी तनाव नहीं है-इकबाल अंसारी बाबरी मस्जिद मामले के मुद्दई
बाबरी मस्जिद मामले के मुद्दई इकबाल अंसारी कहते हैं मंदिर-मस्जिद मुद्दे पर अयोध्या में कोई आपसी तनाव नहीं है। सभी मिल जुल कर रह रहे हैं। इस मुद्दे पर राजनीति तो राजनीतिक दल करते हैं। अयोध्या को ऐसा प्रतिनिधि चाहिए जो यहां बिजली, पानी, सडक़, चिकित्सा जैसे मुद्दों पर काम करे। मंदिर-मस्जिद बनाने का काम किसी और का है ।
अयोध्या में विकास की वो बड़ी योजनायें जिन पर चल रहा है काम
रामायण सर्किट-133 करोड़
अयोध्या रेलवे स्टेशन-120 करोड़
अमृत योजना-40 करोड़
राम की पैड़ी-40 करोड़
कोरियाई संबंध विकास-24 करोड़
Published on:
13 Apr 2019 11:10 am
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