
Ram Mandir Ayodhya
राम मंदिर निर्माण तेज गति से चल रहा है। प्लिंथ का काम अगस्त के मध्य या अंत तक पूरा हो जाएगा। श्रीरामजन्भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट मंदिर परिसर के बाहर एक विशेष अनुष्ठान की तैयारी कर रहा है। यह अनुष्ठान तब तक अनावरत जारी रहेगा जब तक नवनिर्मित भव्य राम मंदिर के गर्भगृह में रामलला विराजमान नहीं हो जाते हैं। कई प्रदेशों के वैदिक आचार्य इस अनुष्ठान को पूरा करने में सहायक होंगे। महाराष्ट्र के एक धार्मिक ट्रस्ट ने इस विशेष अनुष्ठान का प्रस्ताव श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के समक्ष रखा है। अभी इसके लिए रामकोट मोहल्ले में स्थित गणपति धर्मशाला के चयन पर विचार चल रहा है। इस महत्वपूर्ण अनुष्ठान की शुरुआत श्रीरामचंद्र प्रीत्यर्थं के संकल्प के साथ होगी।
कई अनुरोध के बाद ट्रस्ट का निर्णय
महाराष्ट्र के एक धार्मिक ट्रस्ट ने इस विशेष अनुष्ठान का प्रस्ताव श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के समक्ष रखा है। कई प्रांतों के वैदिक विद्वानों ने भी यहां जप-पाठ की इच्छा जताई। इसी के बाद ट्रस्ट ने अनुष्ठान कराने का निर्णय लिया। बाहरी विद्वानों तो रहेंगे ही स्थानीय विद्वान सहभागी होंगे। 15-15 दिन की अवधि के अनुष्ठान की श्रृंखला का प्रारूप है, जिसें आठ से दस विद्वान संपन्न कराएंगे। एक ट्रस्टी ने बताया कि, यह अनुष्ठान अलग-अलग प्रदेशों के विद्वानों के संकल्प को पूर्ण करने का माध्यम होगा।
चल रहा है नियमित अनुष्ठान
इसके साथ ही श्रीरामजन्मभूमि पर मंदिर निर्माण प्रारंभ होने के साथ ही नियमित अनुष्ठान का क्रम चल रहा है। प्रातकाल यहां वैदिक विद्वान विहव्य, पृथ्वी, पुरुष, श्री, रुद्र व वास्तु सूक्त के मंत्रों के पारायण के साथ ही आहुतियां डाली जाती हैं। यह अनुष्ठान मंदिर निर्माण तक चलता रहेगा।
Published on:
29 Jul 2022 09:31 pm
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