26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पर्यटकों के लिए जल्द खुलेगा अयोध्या का ‘क्वीन हो’ पार्क, दक्षिण कोरिया से है बेहद खास रिश्ता

अयोध्या में क्वीन हो मेमोरियल पार्क जल्द ही पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा। इसका निर्माण 2019 में ही शुरू हो गया था।

2 min read
Google source verification
Ayodhya's Queen Ho park will soon open for tourists very special relationship with South Korea

दक्षिण कोरिया से अयोध्या का संबंध मधुर करने के लिए सरयू तट स्थित क्वीन हो कोरियाई पार्क जल्द ही पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा। इसमें पर्यटकों के रुकने के लिए कॉटेज और रेस्टोरेंट जैसी सुविधाएं होंगी।

अयोध्या में 2018 के दीपोत्सव आयोजन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और दक्षिण कोरिया की प्रथम महिला किम जोंग सुक ने संयुक्त रूप से क्वीन हो पार्क के नवीनीकरण का शिलान्यास किया था। इस पार्क के संचालन के लिए दिल्ली की कार्यदाई संस्था आईएचडब्ल्यूएचसी को दायित्व सौंपा गया है।

2000 वर्ग मीटर में फैला है 'क्वीन हो' पार्क

सरयू तट पर 2000 वर्ग मीटर में फैले क्वीन हो मेमोरियल पार्क का निर्माण सितंबर 2019 में शुरू हुआ। नवंबर 2021 में इसका कार्य पूर्ण हो गया। इसमें मेडिटेशन हॉल, क्वीन पवेलियन, किंग पवेलियन, वाटर टैंक, फुट ओवर ब्रिज, सब स्टेशन, ट्यूबवेल, पाथवे, शौचालय, फाउंटेन, लैंडस्केपिंग, स्कल्पचर, गार्ड रूम, म्यूरल, ऑडियो-वीडियो सिस्टम, बाउंड्री वॉल, पार्किंग और तालाब का निर्माण किया गया है।

दक्षिण कोरिया और भारत सरकार की संयुक्त योजना से बना है ये पार्क

क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी राजेन्द्र यादव ने बताया, "पार्क के संचालन के लिए इसे निजी संस्था को सौंप गया है। यह पार्क दक्षिण कोरिया और भारत सरकार की संयुक्त योजना के तहत बना है। इसमें कोरिया व अवध क्षेत्र की सामाजिक और सांस्कृतिक पहलुओं को दिखाया गया है। पार्क में अवध की संस्कृति को दर्शाने के लिए अवध पवेलियन और कोरिया के कल्चर को दर्शाने वाली कोरियन पवेलियन के साथ ही समुद्र को दिखाने के लिए वाटर बॉडी बनी है।"

एंट्री फीस रहेगी फ्री

कार्यदाई संस्था के डायरेक्टर सौरभ जैन ने बताया, "अयोध्या और कोरिया को जोड़ने वाले इस पार्क में किसी भी प्रकार का प्रवेश शुल्क नहीं रखे जाने पर विचार किया जा रहा है। इसके साथ ही आने वाले पर्यटकों के माध्यम से ही यहां की व्यवस्था भी संचालित हो इसके लिए कोरियन शैली के वेज रेस्टोरेंट, कोरिया में प्रचलित सामानों की दुकानें, बाहर से आने वालों के ठहरने के लिए लग्जरी कॉटेज, कांफ्रेंस हॉल, मनोरंजन केंद्र, कोरियन-इंडियन कल्चर के कार्यक्रमों के आयोजनों के लिए हॉल शामिल है।"

यह भी पढ़ें:यूपी लोकसभा चुनावों में करारी हार का दिखा असर, सीएम योगी ने अफसरों को दिए निर्देश, हर महीने जन प्रतिनिधियों के साथ करें बैठक