
Babri case
लखनऊ. सीबीआई की स्पेशल कोर्ट (CBI special court) द्वारा अयोध्या (Ayodhya) में विवादित ढांचे को गिराए जाने के आरोपियों को बरी करने के फैसले के खिलाफ शुक्रवार को मुस्लिम पक्षकार हाजी महबूब व हाजी एकलाख ने इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में क्रिमिनल रिवीजन पिटीशन दाखिल की। विवादित ढांचा ध्वंस मामले में गवाह रहे हाजी महबूब ने कहा कि राम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण से उन्हें कोई एतराज नहीं, लेकिन बाबरी विध्वंस करने वाले आरोपियों को सजा मिलनी चाहिए। ढांचा विध्वंस मामले में मुस्लिम पक्षकार सीबीआई कोर्ट द्वारा सुनाए गए फैसले से संतुष्ट नहीं हैं। उनके मुताबिक लाखों लोगों की भीड़ जुटाने के बाद बाबरी ढांचा विध्वंस कराया गया। इस मामले में सीबीआई की अदालत ने 32 लोगों को आरोपी बनाया था, लेकिन सितंबर, 2020 में आए इस फैसले में सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया।
हाजी महबूब ने बताया कि अयोध्या में जो मस्जिद गिराई गई थी उसको लेकर लखनऊ की हाई कोर्ट में अपील की गई है। सीबीआई की अदालत द्वारा आरोपियों के पक्ष में लिया गया फैसला गलत है। दुनिया जानती है कि इन्हीं लोगों के कहने पर बाबरी मस्जिद गिराई गई और कोर्ट ने इन्हें बरी कर दिया। इसलिए आज मैं उससे बड़ी अदालत में गया हूं। उन्होंने कहा कि इसमें मुख्य रूप से लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, विनय कटियार सहित कई लोग शामिल हैं।
इन लोगों को सजा मिलनी चाहिए- हाजी
उन्होंने आगे कहा कि इन लोगों को सजा मिलनी चाहिए। राम जन्मभूमि पर कुछ भी फैसला आया हो। चाहे वह मंदिर बन जाए। हम सब उसे मानते हैं, लेकिन बाबरी विध्वंस के जो आरोपी हैं, उनको सजा मिलनी चाहिए। लगभग 50 पेज की तैयार की गई याचिका कोर्ट में दी गई है।
Updated on:
08 Jan 2021 07:39 pm
Published on:
08 Jan 2021 07:31 pm
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