
दलितों के कंधे पर CAA,NRC के विरोध की बंदूक : विहिप
अयोध्या : नागरिकता कानून के नाम पर देेेश में दलितों के साथ हो रहे अत्याचार को लेकर विरोधी तत्वों निशाना साधते हुुयेे विश्व हिंदू परिषद ने अस्पृश्यता की प्रथा के लिए इस्लामी आक्रमणकारियों का दमन जिम्मेदार ठहराया है और इसी को लेकर आज दलित बंधुओं के कंधे पर CAA-NRC के विरोध की बंदूक रखकर राष्ट्र विरोधी अपना लक्ष्य साध रहे हैं।
विहिप केन्द्रीय प्रबंध समिति के सदस्य पुरुषोत्तम नारायण सिंह कहा कि 70 वर्षों तक उनके कंधे पर सवार होकर एक विशेष राजनीतिक दल ने मलाई चखी और सत्ता का भोग किया वहीं आज दलित मुस्लिम भाई भाई, हिन्दू जाति कहां से आई का नारा लगाया जा रहा है।यानि हिन्दुओ मे ही विभाजन का षड्यंत्र, जिसे सभी हिन्दुओं को समझना होगा। उन्होने कहा इस्लामी आक्रमण शुरू होने से पहले तक हिंदुओं में कोई अस्पृश्यता नहीं थी। हिंदू समाज में चार वर्ण थे जो पेशे पर आधारित थे। कामगारों का यह बंटवारा किसी भी तरीके से वर्गीकृत नहीं था। सभी से समान व्यवहार किया जाता था।’
उन्होंने कहा कई सदियों पहले इस्लामी आक्रमणकारियों ने हिंदुओं के एक वर्ग को मैला ढोने,सूकर पालने,चमड़ा निकालने जैसा काम करने के लिए मजबूर किया क्योंकि उस वर्ग ने दमन के बावजूद इस्लाम धर्म अपनाने से इनकार कर दिया था। उन्होने कहा इन धर्म योद्धाओं को अपने पूर्वजों का स्मरण करना चाहिए कि किस प्रकार राजा सूहलदेव,रानी बिजली पासी,ने आक्रमणकारियों को इस देश से उखाड फेका था।
उन्होने कहा स्वर्गीय अशोक सिंहल सदैव हिंदुओं का आह्वान करते रहे कि वे दलितों को वह सम्मान दें,जिसके वे हकदार हैं। उन्हें आगे से अछूत नहीं बल्कि "धर्मयोद्धा" के रूप में देखा जाना चाहिए जिन्होंने अपना धर्म छोड़ने की बजाय ऐसे काम करने का फैसला किया और आक्रमणकारियों द्वारा दिये गये अपमान को सहा। अब और नही विभाजनकारियों को यही धर्मयोद्धा जवाब देंगे।
उन्होने कहा नागरिक्ता संशोधन विधेयक का विरोध राष्ट्र विरोधियों को पोषित करने वाला षडयंत्र है।देश के प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के अश्वासन के बावजूद भारतीय मुस्लिम नागरिकों को विरोध के लिए उद्देलित किया जा रहा है,और अब दलित बंधुओं के कंधों पर बंदूक रखकर राष्ट्रविरोधी अपना लक्ष्य साध रहे हैं।
Published on:
24 Jan 2020 05:28 pm
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