
आस्था : पूरी दुनिया के पाप धोने वाले तीर्थराज प्रयाग कहाँ जाकर खुद को करते है पवित्र
अयोध्या : चैत्र रामनवमी के पर्व पर देश भर से लाखों श्रद्धालु आज अयोध्या पहुंचे हैं और पवित्र सरयू नदी में स्नान कर पुण्य कमा रहे हैं | आज के इस खास दिन अयोध्या के करीब 6000 मंदिरों में भगवान राम लला का प्राकट्य उत्सव मनाया जा रहा है| इसलिए यह जानना जरूरी है कि आखिरकार चैत्र रामनवमी पर अयोध्या में सरयू स्नान का महत्व क्या है और इसकी कथा क्या है |
दुनिया भर से आने वाले लोग तीर्थराज प्रयाग में जाकर खुद को करते हैं शुद्ध लेकिन तीर्थराज प्रयाग से भी पवित्र है ये स्थान
पौराणिक मान्यता के अनुसार शास्त्रों में उल्लिखित है कि जिस दिन चैत्र रामनवमी का पर्व था उस दिन तीर्थराज प्रयाग भी अपने कलुष मिटाने अयोध्या आए थे | कहा जाता है कि जब तीर्थराज प्रयाग अयोध्या आए तब वह पूरी तरह से काले थे और उन्होंने अपने घोड़े समेत सीधे सरयू नदी में डुबकी लगा दी | जिसके बाद जब वह नदी से बाहर निकले तो वह स्वयं और उनका घोड़ा बिल्कुल सफेद रंग का हो गया |
शाश्त्रों में उल्लिखित है प्राचीन अयोध्या के ये पौराणिक कथा
पौराणिक मान्यता के अनुसार चैत्र रामनवमी के दिन सरयू नदी में स्नान करने से सभी प्रकार के पाप और कलुष मिट जाते हैं | इसी कारण पूरी दुनिया का पाप धोने वाले तीर्थराज प्रयाग भी चैत्र रामनवमी के दिन अयोध्या आते हैं और अपने ऊपर लगे हुए कलुष को मिटाते हैं | जगद्गुरु रामदिनेशाचार्य महाराज अनुसार श्री राम नवमी के दिन अयोध्या में आकर पवित्र सरयू नदी में स्नान करने और श्री राम लला के प्राकट्य उत्सव में शामिल होकर उस का दर्शन करने मात्र से जन्म जन्मांतर के पाप मिट जाते हैं और भगवान श्री राम लला की विशेष कृपा उस व्यक्ति को प्राप्त होती है | इसी पौराणिक मान्यता के चलते चैत्र रामनवमी के दिन देश भर से श्रद्धालु धार्मिक नगरी अयोध्या पहुँचते हैं |
Published on:
13 Apr 2019 10:31 am
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