
Changes in design of Ram Mandir now foundation will rest on 44th layer
अयोध्या. राममंदिर (Ram Mandir) की डिजाइन में बदलाव किया गया है। नींव की डिजाइन में राफ्ट को लेकर आंशिक परिवर्तन किया गया है। मंदिर के नींव की डिजाइन अब 44 की जगह 48 लेयर की बनेगी। फिलहाल 42 लेयर तक बनकर तैयार हो चुकी है। पहले की डिजाइन में राफ्ट में मोटाई ढाई मीटर थी जिसे अब घटाकर घटाकर डेढ़ मीटर कर दिया गया है। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट वरिष्ठ सदस्य डॉ. अनिल मिश्र ने कहा कि राम मंदिर निर्माण कार्य बहुत तेजी से चल रहा है। दो दिन के अंदर एक लेयर का निर्माण किया जा रहा है। उसके बाद राफ्ट का निर्माण शुरू होगा, जो अक्तूबर तक तैयार होगा उम्मीद जताई है कि 20 सितंबर तक राफ्ट का काम पूरा हो जाएगा। विंध्यवासिनी धाम मिर्जापुर के लाल बलुआ पत्थरों से अक्तूबर के लास्ट या नवंबर के पहले हफ्ते में प्लिंथ का निर्माण भी शुरू हो जाएगा।
गुप्तारघाट का नव निर्माण
भगवान राम के गुप्त होने वाले स्थान गुप्तारघाट को नए सिरे से तैयार किया जाएगा। इसके पुण: निर्माण में 22 करोड़ का खर्च प्रस्तावित है। गुप्तारघाट में पंखमुखी महादेव मंदिर से एक नया लिंक रोड बनाया जाएगा। साथ ही घाट के निकट दो स्थानों पर पार्किंग स्थल, सिंचाई विभाग की भूमि पर श्रीराम पार्क, अवैध दुकानों को तोड़कर नई दुकानों का निर्माण, फसाड लाइटिंग व एक रोजगार केंद्र खोलने की तैयारी है। नया रिंग रोड पंचमुखी महादेव मंदिर से लेकर नए बने घाट तक जाएगा। उद्यान विभाग सड़कों को ठीक करने के लिए भूमि पर नया लिंक मार्ग बनाने की तैयारी में हैं। इसके साथ ही नदी किनारे खाली पड़ी भूमि पर भगवान श्रीराम के नाम पर एक आध्यात्मिक पार्क बनाया जाएगा। मौजूदा समय में जो लोग अवैध दुकानें बनाए हुए हैं उन्हें गिराकर वहां कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा। दुकानदारों को शिफ्ट किया जाएगा।
इनसेट
श्रीकृष्ण जन्म स्थान मामले में कोर्ट को सौंपे गए और साक्ष्य
मथुरा. श्रीकृष्ण जन्मस्थान से संंबंधित जमीन प्रकरण में वादी एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह ने मंदिर से संबंधित कुछ तस्वीरें और सीडी साक्ष्य के तौर पर कोर्ट को सौंपा है। उन्होंने दावा किया है कि औरंगजेब द्वारा ठाकुर केशवदेव के असल गर्भगृह के रूप में बने मंदिर को तोड़कर मस्जिद का निर्माण कराया गया था। इसी के चलते श्रीकृष्ण जन्मस्थान से चंद कदमों की दूरी पर बनी शाही ईदगाह मस्जिद की दीवारों पर हिंदू धर्म के चिन्ह अंकित हैं। जबकि कुछ चिन्हों को इन दीवारों से हटा दिया गया है। इसी से संबंधित में कई साक्ष्य अदालत को सौंपे गए हैं। तस्वीरें और सीडी में कई स्थानों पर ओम, शंख और स्वास्तिक हटाने का दावा किया गया है। जबकि मस्जिद में आज भी कमल के फूल और शेषनाग बने हैं। वादी के अधिवक्ता राजेंद्र माहेश्वरी ने कहा कि साक्ष्यों की सूची को अदालत को सौंपा है। इसमें हिंदू धर्म से जुड़े कई साक्ष्य हैं। केस में अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी।
Published on:
11 Sept 2021 03:00 pm
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