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रामलला के दर्शन से पहले देवस्थानम में होगी पूजा, 1 जून को सीएम योगी रखेंगे गर्भगृह की आधारशिला

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक जून को राम मंदिर निर्माण के लिए गर्भगृह पर पहली शिला रखेंगे। इसके बाद दक्षिण भारतीय शैली में तैयार किए गए श्रीरामलला सदन देवास्थानम मंदिर में भगवान श्रीराम माता सीता व तीनों भाइयों के मूर्ति की प्राणप्रतिष्ठा भी करेंगे।

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Devasthanam File Photo

रामनगरी अयोध्या में बन रहे भव्य राम मंदिर के गर्भगृह की आधारशिला रखने के कार्यक्रम की तैयारी जोरों पर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक जून को राम मंदिर निर्माण के लिए गर्भगृह पर पहली शिला रखेंगे। इसके बाद दक्षिण भारतीय शैली में तैयार किए गए श्रीरामलला सदन देवास्थानम मंदिर में भगवान श्रीराम माता सीता व तीनों भाइयों के मूर्ति की प्राणप्रतिष्ठा भी करेंगे। मुख्यमंत्री योगी मुख्य मंदिर के 403 वर्गफुट क्षेत्र के गर्भगृह की आधार शिला रखेंगे। इस समय मंदिर ट्रस्ट, गर्भगृह के निर्माण के अवसर पर वैदिक पूजन कार्यक्रम को स्मरणीय बनाने की तैयारी में है। इसके साथ ही मंदिर निर्माण का कार्य भी तीव्रता के साथ दिन रात चल रहा है।

श्रीरामलला देवस्थानम मंदिर द्रविड़ शैली में किया गया निर्माण

श्रीराम के भव्य मंदिर के फर्श को बनाए जाने के साथ ही मंदिर निर्माण का कार्य भी शुरू हो गया है। राम मंदिर के साथ उत्तर और दक्षिण भारत की परंपरा अयोध्या नगरी में देखने को मिलेगी। जिसको लेकर अयोध्या में उत्तरी परंपराओं के बीच दक्षिण शैली का समावेश के लिए रामजन्मभूमि के कुछ ही फासले पर श्रीरामलला देवस्थानम मंदिर द्रविड़ शैली में निर्माण किया गया है। मान्यता है कि देवास्थानम प्राचीन और ऐतिहासिक है।

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यहां हुआ था श्रीराम का नामकरण संस्कार

श्वेता युग में भगवान श्रीराम और उनके भाइयों के जन्म होने के बाद इसी स्थान पर उनका नामकरण संस्कार संपन्न किया गया था। इसलिए आज भी इस स्थान को देवस्थान के नाम से जाना जाता है। रामजन्मभूमि परिसर से कुछ फासले पर दक्षिण भारत के द्रविड़ शैली में श्रीरामलला देवस्थानम मंदिर बनाया गया है, जिसका उद्घाटन 1 जून को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा किया जाएगा। वहीं, मंदिर में भगवान के प्राणप्रतिष्ठा के 31 मई से 4 जून तक धार्मिक आयोजन किया जाएगा।

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प्लिंथ का कार्य पूरा

मंदिर के गर्भगृह के नक्शे में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। जिस गर्भगृह का निर्माण शुरू होना है, उस क्षेत्र में प्लिंथ का निर्माण पूरा हो चुका है। मंदिर ट्रस्ट के सदस्य कामेश्वर चौपाल ने कहा कि बुधवार एक जून को कुशल शिल्पकारों ने जिन पत्थरों को सितंबर 1990 में तराश कर तैयार किया था, उन्में से ही गर्भगृह की प्रथम शिला को प्लिंथ के फर्श पर रखा जाएगा। यह कार्यक्रम शुभ मुहूर्त में वैदिक पूजन के साथ संपन्न होगा।