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डॉ राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय ने जारी की फर्जी डिग्री

बिना पेपर दिए एमएससी के छात्रों को मिली फर्स्ट डिवीजन योग्यता की डिग्री

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डॉ राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय ने जारी की फर्जी डिग्री

डॉ राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय ने जारी की फर्जी डिग्री

अयोध्या : उत्तर प्रदेश के अवध यूनिवर्सिटी में छात्रों को बिना पेपर दिए ही फर्स्ट डिवीजन की योग्यता जारी कर दिया। वह भी एमएससी जैसी महत्वपूर्ण क्लास के दर्जनों अनुपस्थित छात्र फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी, बॉटनी, गणित जैसे विषयों में। इस फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब एक व्यक्ति ने परीक्षा की उपस्थिति को लेकर आरटीआई के तहत जवाब मांगा। फिलहाल इस मामले को लेकर कुलपति ने जांच के आदेश दिए हैं।

दरसल राम मनोहर लोहिया अवध यूनिवर्सिटी से संबद्ध अयोध्या के श्री राम जानकी महाविद्यालय रामनगर अमावा सूफी में एडमिशन लेने वाले एमएससी फाइनल ईयर के छात्रों का सेंटर 2018- 2019 के सत्र में यूनिवर्सिटी से ही संबद्ध एक और कॉलेज श्री राम सिंह गुलेरिया महाविद्यालय में गया था हैरत की बात तो यह है कि फिजिक्स, , केमिस्ट्री , बायोलॉजी , बॉटनी , गणित जैसे विषय में जिन छात्रों को श्री राम सिंह गुलेरिया महाविद्यालय ने अनुपस्थित बताया है वह सभी छात्र राम मनोहर लोहिया अवध यूनिवर्सिटी से फर्स्ट डिवीजन में पास हो गए है। जिसका जवाब खुद श्री राम सिंह गुलेरिया महाविद्यालय के प्राचार्य के पास भी नहींं है और वह एक ही बात कहते हैं हमने तो अनुपस्थित छात्रोंं की पूरी रिपोर्ट यूनिवर्सिटी को भेज दी थी अब यूनिवर्सिटी जाने की अनुपस्थित छात्र कैसे पास हो गए।

अवध विश्वविद्यालय के इस मामले का खुलासा इलाहाबाद हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ता और अयोध्या के मिल्कीपुर क्षेत्र के रहने वाले पवन कुमार पांडे ने राम मनोहर लोहिया अवध यूनिवर्सिटी से 2018-19 सत्र में श्री राम जानकी महाविद्यालय में अध्ययनरत एमएससी सेकंड ईयर के कितने छात्र परीक्षा में फिजिक्स, , केमिस्ट्री , बायोलॉजी , बॉटनी , गणित जैसे विषय में अनुपस्थित रहे इस बाबत जन सूचना मांगी इसके जवाब में विश्वविद्यालय ने उक्त जानकारी एग्जामिनेशन सेंटर से प्राप्त करने को कहा इसके बाद श्री राम सिंह गुलेरिया महाविद्यालय से मांगी गई तो उन्होंने जो जानकारी मुहैया कराई उसी ने इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा कर दिया। वही इस मामले पर अवध विश्वविद्यालय के कुलपति मनोज दीक्षित ने जांच के आदेश दिए हैं। मनोज दीक्षित के मुताबिक यह विश्वविद्यालय की छवि बिगाड़ने का प्रयास है। और आगामी 15 दिन के अंदर इसके परिणाम सामने होंगे। इसमें जो भी कर्मचारी व शिक्षक दोषी पाए जाएंगे उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ।


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