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250 करोड़ से श्रीराम जन्मभूमि तक बनेगी एलिवेटेड रोड

- हाइवे से सीधे राममंदिर तक जा सकेंगे भक्त- पीएम मोदी कर सकते हैं शिलान्यास

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Ram Mandir

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अयोध्या. सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद अयोध्या में भगवान रामलला के भव्य मंदिर निर्माण की तैयारियां जोरों पर हैं। भक्तों और पर्यटकों को श्रीरामजन्मभूमि में विराजमान रामलला का दर्शन-पूजन सुलभ व आरामदायक हो इसके लिए उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार मंदिर निर्माण के साथ एक और तोहफा देने की तैयारी कर रही है। जिसके मुताबिक लखनऊ-गोरखपुर फोरलेन हाईवे से श्रीरामजन्मभूमि तक करीब ढाई किलोमीटर की दूरी में ढाई सौ करोड़ रुपए की लागत से एलिवेटेड रोड बनेगी। यूपी सेतु निगम ने एलिवेटेड रोड की डिजाइन और प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। प्रस्ताव के लिए धन मिलते ही इसपर काम शुरू हो जाएगा। दरअसल छह दिसंबर 1992 की घटना के बाद तमाम बंदिशों के चलते हजारों भक्त रामलला के दर्शन के बगैर ही लौट जाते थे। ऐसे में अब एलिवेटेड रोड बनने से उन्हें काफी सहूलियत होगी और वह बिना किसी रुकावट के सीधे राम मंदिर तक पहुंच सकेंगे। सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों राममंदिर के भूमि पूजन के बाद ही राज्य सरकार एलिवेटेड रोड की घोषणा और शिलान्यास भी कराने की तैयारी में है।

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राजा रामचंद्र की नगरी नाम से प्रवेश द्वार-
जानकारी के मुताबिक लखनऊ-गोरखपुर फोरलेन हाईवे पर जहां से राम मंदिर के लिए एलिवेटेड रोड की शुरुआत होगी वहां एक भव्य द्वार भी बनाया जाएगा। इस द्वार का नाम राजा रामचंद्र की नगरी रखा जाएगा। सेतु निगम के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक शासन ने हाईवे के पास राजा रामचंद्र की नगरी में प्रवेश का एक भव्य द्वार बनाने का निर्देश दिया है। इसका अलग से प्लान तैयार कराया जा रहा है। यह द्वार करीब 15 मीटर चौड़ा होगा, जहां कई भगवानों की मूर्तियों की नक्कासी के साथ स्वागत करते हुए चित्र उकेरे जाएंगे। इस एलिवेटेड रोड के दोनों किनारों पर भी इक्क्षाकु वंश के राजाओं की आकृतियां उकेरी जाएंगी, जिसकी भव्यता देख भक्तों को अहसास होगा कि वे त्रेतायुगीन रामनगरी में प्रवेश कर रहे हैं। यह आकृतियां राममंदिर तक बनाई जाने की योजना है। सड़क में सीसीटीवी कैमरे और सेंसर युक्त कूड़ेदान स्थापित किए जाएंगे। कूड़ा भरते ही यह कूड़ादान सेंसर के माध्यम से नगर निगम को सूचित करेंगे और सफाई भी की जाएगी।

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पीएम करेंगे शिलान्यास
राममंदिर निर्माण की शुरुआत के लिए तिथि की आधिकारिक घोषणा श्रीरामजन्मभूमि ट्रस्ट की अयोध्या में प्रस्तावित दूसरी बैठक में होना है। इसके पहले 29 फरवरी को अयोध्या आ रहे निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र मंदिर निर्माण कब शुरू हो, इसकी तकनीकी रिपोर्ट तैयार करेंगे। सूत्रों के मुताबित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों राममंदिर के भूमि पूजन के बाद ही राज्य सरकार एलिवेटेड रोड की घोषणा और शिलान्यास भी करा सकती है। सेतु निगम के अधिकारियों ने बताया कि उसी को ध्यान में रखकर इस रोड के निर्माण कार्य की योजना बनाई जा रही है।

ढाई सौ करोड़ की आएगी लागत
सेतु निगम के मुख्य परियोजना प्रबंधक गेंदा लाल ने बताया कि लखनऊ-गोरखपुर फोर लेन हाईवे के अयोध्या स्थित महोबरा बाजार बाईपास से श्रीरामजन्मभूमि तक एलिवेटेड रोड बनेगी। यह रोड पीडब्ल्यूडी की सड़क के ऊपर से होते हुए तीन लेन का होगी। इसकी चौड़ाई 10.5 मीटर होगी। साथ ही नीचे बाईपास भी विकसित होगा, जिससे भक्तों और पर्यटकों को अन्य दर्शनीय स्थलों तक जाने में अधिक सहूलियत रहे। उन्होंने बताया कि डिजाइन बनाकर प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। इसमें अनुमानित लागत करीब ढाई सौ करोड़ रुपए की आएगी।

एलिवेटेड रोड क्यों होती है खास
एलिवेटेड रोड का निर्माण उन जगहों पर होता है, जहां ट्रैफिक ज्यादा रहता है। साथ ही घनी आबादी की वजह से जमीन का अधिग्रहण मुश्किल हो जाता है। एलिवेटड रोड तकनीकी रूप से एक पुल की तरह होता है। इससे नजदीकी इलाकों को भी एलिवेटड रोड के सहारे जोड़ा जा सकता है। अयोध्या में इस रोड का इस्तेमाल कर मात्र 5 मिनट में लोग राममंदिर पहुंच सकते हैं। एक लेन पैदल यात्रियों के लिए होगी, जिससे 20 मिनट में ही रामलले के दर्शन मिल जाएंगे।