
अक्षय तृतीया पर खेतों में उतरे किसानों
अयोध्या : अक्षय तृतीया किसानों के लिए बड़ा ही उत्तम दिन माना जाता है आज से किसान अपने खेतों में जुदाई-बोवाई का कार्य पूजन अर्चन के साथ शुरू करते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस वर्ष अक्षय तृतीया का महायोग देखा जा रहा है आज के दिन होने वाले सभी कार्य पूरे होते हैं। वही किसानों के खेती के लिये जिला प्रशासन ने लॉक डाउन के दौरान कृषि यंत्रों की बिक्री व मरम्मत के लिए 10 प्रमुख प्रतिष्ठानों को खोले जाने की अनुमति दी है।
हमारा देश कृषि प्रधान देश माना जाता है और अक्षय तृतीया भारतीय किसानों के लिए बड़ा ही पवित्र दिन है। वैसे तो आज के दिन धार्मिक स्थलों पर बड़ी संख्या में लोग अन्य दान करते हैं धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आज के दिन किए जाने वाला हर कार्य पूरा होता है। राम नगरी अयोध्या के आसपास क्षेत्र में रहने वाले किसान सुबह स्नान ध्यान कर अपने खेतों में पहुंच गए जहां पूजन पाठ के साथ खेतों में जुताई का कार्य शुरू किया। साथ ही आज के दिन परशुराम जयंती भी मनाई जाती है जिसको लेकर कई मंदिरों में भगवान परशुराम के पूजा अर्चन का कार्य कियाा जाता है। वही दूसरी तरफ देश में फैले कोरोनावायरस को लेकर हुए लाभ डाउन से आज कृषकों की फसलों को लेकर बड़ी समस्याओं का सामना ना करना पड़े जिसके लिए जिला प्रशासन ने कृषि यंत्रों व उनकी मरम्मत के लिए 10 दुकानों को खोले जाने की अनुमति दी है जिलाधिकारी अनुज झा के मुताबिक यह सभी दुकाने प्रत्येक दिन सुबह 10:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक खोली जाएगी और इस प्रतिष्ठान में कार्य करने वालों की रैंडम चेकिंग भी समय-समय पर कराया जाएगा।
रामजन्मभूमि के पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने अक्षय तृतीया के महत्व को लेकर बताया कि वैशाख शुक्ल पक्ष तृतीया को अक्षय तृतीया कहा जाता है आज के दिन किया जाने वाला हर शुभ कार्य कभी नष्ट नहीं होता इस तिथि को परशुराम जयंती के रूप में भी मनाया जाता है वही बताया कि आज के दिन से किसान कृषि का कार्य भी प्रारंभ करते हैं जैसे जुताई बुवाई करना आदि का का कार्य प्रारंभ कर दिया जाता है किसान आज की तिथि को शुभ मुहूर्त मार्ग करके खेतों में कार्य प्रारंभ करते हैं वही बताया कि आज के दिन जो भी शुभ कार्य अनुष्ठान वरदान ने किया जाता है जो भी नया कार्य कभी भी नष्ट नहीं होता है।
Published on:
26 Apr 2020 02:49 pm
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