
राम मंदिर के गर्भगृह की सामने आई पहली तस्वीर जहां 21 माह में विराजेंगे श्री रामलला
अयोध्या. राम जन्मभूमि परिसर निर्माणाधीन भगवान श्री राम की भव्य मंदिर की पहली तस्वीर सामने आई है। इस सुंदर डिजाइन को आर्किटेक्ट सीबी सोनपुरा, आशीष सोनपुरा व उनके एजेंसियों के द्वारा तैयार किया गया है। और 21 महीने के बाद यानी दिसम्बर 2023 में भगवान श्री रामलला विधि विधान पूर्वक पूजन अर्चन के बाद गर्भगृृृह में विराजमान होंगे। इस दौरान फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पूजन के मुख्य यजमान होंगे। जिसके बाद भक्तों के लिए राम मंदिर में दर्शन भी प्रारम्भ कर दिया जाएगा।
21 फुट ऊंची सीढ़ियों को चढ़ने के बाद होगा दर्शन
राम जन्मभूमि परिसर विशाल स्तम्भों के तैयार हो रहे मंदिर के सुंदर गर्भगृह में बाल स्वरूप भगवान श्री रामलला अपने छोटे भाई भरत लक्ष्मण व शत्रुघ्न के साथ विराजमान होंगे। जनता दर्शन के लिए भक्तों को 21 फीट ऊंचे सीढ़ियों पर चढ़ाना होगा। जहां 160 स्तंभों से तैयार किए गए भव्य मंदिर का दर्शन होगा और अंदर प्रवेश के बाद संगमरमर के पत्थरों से तैयार भगवान श्री रामलला कर गर्भगृह का होगा। तो वहीँ इसी तरह प्रथम तल पर 132 व दूसरे तल पर 74 स्तम्भ लगाए जाएंगे। ट्रस्ट इस निर्माण कार्य की गति को बढ़ाने की तैयारी है। जिसके लिए राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय लगातार अयोध्या में कैंप कर रहे हैं तो वही एलएंडटी व टीसीई के इंजीनियर दिन-रात कार्य में लगे हुये है।
जुलाई माह से खड़े होने लगेंगे मंदिर निर्माण के लिए स्तंभों
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के सदस्य डॉ अनिल मिश्रा के मुताबिक मंदिर के निर्माण में प्लिंथ का कार्य किया जा रहा है। जिसमे अभी तक 20 प्रतिशत कार्य कर लिया गया है। और अगले चार माह यानी जुलाई तक इस कार्य पूरा कर लिया जाएगा। जिसके बाद मंदिर निर्माण के लिए 160 स्तंभों को खड़ा करने प्रक्रिया शुरू होगी। तो वही बताया कि स्तंभों के ऊपर मेहराबों को जोड़ने का कार्य किया जाएगा जो कि बेहद जटिल और बारीकी काम होता है इसलिए इस कार्य में समय लगेगा लेकिन दिसंबर 2023 तक भगवान के गर्भगृह के निर्माण की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। जिससे रामलला को उस स्थान पर विराजमान कराया जा सके।
Updated on:
03 Apr 2022 04:26 pm
Published on:
03 Apr 2022 04:26 pm
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