
फोटो सोर्स- X श्री राम जन्मभूमि
FSSAI issues purity certificate to Ramlala Mandir Prasad : अयोध्या में रामलला के भोग प्रसाद और सीता रसोई की शुद्धता पर अब सरकारी मुहर लग गई है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण FSSAI ने 28-29 मई को राम जन्मभूमि परिसर का फूड सेफ्टी ऑडिट किया था। उस ऑडिट रिपोर्ट को FSSAI की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। अब सर्टिफिकेट सौंपने की तैयारी की जा रही है। जून के आखिरी हफ्ते या जुलाई की शुरुआत में खाद्य आयुक्त और अन्य वरिष्ठ अधिकारी की उपस्थिति में स्वच्छता व गुणवत्ता का प्रमाण पत्र दिया जाएगा। यह प्रमाण पत्र श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव को देने की तैयारी है। खाद्य आयुक्त मानिक चंद्र सिंह ने बताया कि एफएसएसएआई की तरफ से अभियान चलाया जा रहा है। जांच के बाद यह प्रमाण पत्र दिया जा रहा है आगे भी प्रसाद और सीता रसोई की रेंडम जांच की जाएगी।
उत्तर प्रदेश के अयोध्या में रामलला मंदिर में चढ़ने भोग प्रसाद और और सीता रसोई में की जांच एफएसएसएआई के 'ईट राइट भोग BHOG (Blissful Hygienic Offering to God) कार्यक्रम के अंतर्गत किया गया। देश के बड़े धार्मिक स्थलों पर बनने वाले प्रसाद को फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड के अनुसार बनाना है। एफएसएसएआई से नामित विशेष ऑडिट एजेंसी ने राम मंदिर की रसोई, स्टोर रूम और फ्रिज की जांच की। प्रसाद में इस्तेमाल होने वाले आटा, घी, चीनी, मेवा सहित अन्य सामग्री के सैंपल लिए गए।
ऑडिट के दौरान सबसे अहम हिस्सा रहा रसोइयों की ट्रेनिंग। भगवान राम का भोग बनाने वाले 12 मुख्य भंडारियों को स्वच्छता और फूड सेफ्टी की विशेष ट्रेनिंग दी गई। प्रशिक्षण में बताया गया कि हाथ धोना, बाल बांधना, दस्ताने-मास्क पहनना और क्रॉस कंटैमिनेशन से बचना क्यों जरूरी है। इसके साथ ही रसोई में काम करने वाले सभी सेवादारों का सीएमओ से नामित डॉक्टरों की टीम से मेडिकल टेस्ट कराया गया। यह चेक किया गया की रसोइयों को कोई बीमारी तो नहीं है।
खाद्य आयुक्त मानिक चंद्र सिंह ने बताया कि सर्टिफिकेट मिलने के बाद भी जांच जारी रहेगी। खाद्य सुरक्षा विभाग की स्पेशल टीम हर 7 से 10 दिन में कभी भी रेंडम जांच हो सकती है। अचानक 24 घंटे के भीतर रामलला के प्रसाद, खीर और छप्पन भोग की औचक जांच करेगी। इससे गुणवत्ता का स्तर लगातार बना रहेगा। ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था रामलला के भोग से जुड़ी है। एफएसएसएआई का सर्टिफिकेट मिलने से श्रद्धा के साथ सेहत की गारंटी भी मिल गई है।
Updated on:
10 Jun 2026 02:54 pm
Published on:
10 Jun 2026 02:54 pm
