
बाबरी मस्जिद के पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी
बाबरी मस्जिद के पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी ने रामचरितमानस विवाद को लेकर बयान दिया है। उन्होंने रामचरितमानस को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने कहा कि यह कानून भी बनना चाहिए कि किसी भी धर्म के मुख्य ग्रंथ या पुस्तक पर टिप्पणी करने वाले को सजा मिले।
अंसारी के बयान का स्वागत किया विश्व हिन्दू परिषद
इकबाल अंसारी ने कहा, “अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में रामचरितमानस को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित नहीं किया गया तो आखिर कब किया जाएगा? वहीं, विश्व हिन्दू परिषद के प्रवक्ता शरद शर्मा ने इकबाल अंसारी की मांग का स्वागत किया है। उन्होंने कहा, “यह सबको साथ लेकर चलने वाला ग्रंथ है, इसलिए इसे राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करना चाहिए।
आलोचना करने वालो के खिलाफ बनाया जाए कानून
इकबाल अंसारी के इस बयान पर राम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा, “इस तरह की मांग पहले भी हो चुकी है। यह पहली बार है कि इस्लाम धर्म से जुड़ा कोई इस तरह की मांग कर रहा है। हमारे धार्मिक ग्रंथों की आलोचना करने वालो के खिलाफ कानून बनाया जाए। जिससे उन्हें कड़ी सजा मिल सके। किसी की हिम्मत हमारे धार्मिक ग्रंथों पर टिप्पणी करने की न हो।”
Updated on:
24 Mar 2023 09:18 am
Published on:
24 Mar 2023 09:14 am
बड़ी खबरें
View Allअयोध्या
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
