
Girl wandering in Ayodhya
अयोध्या. गूगल भी कमाल का है। आपको जो भी जानकारी चाहिए होती है वह आपको बताता है। इसके साथ ही गूगल पर दुनिया भर की जानकारियां रहती हैं बस आप एक क्लिक करते हैं वह जानकारी आपके सामने होती है जिसके बारे में आप जानना चाहते हैं। इसके अलावा गूगल की मदद कई चीजों में ली जाती है। अगर आपसे कहें कि गूगल बिछड़ों को अपनो से मिला देता है तो आप का यह आसानी से विश्वास नहीं होगा लेकिन यह सच है। ऐसा ही हुआ राम की नगरी अयोध्या में। यहां भटक रही एक युवती को पुलिस ने गूगल की मदद से उसके घरवालों को सौंप दिया। दिमागी रूप से कमजोर ये युवती। अपने बारे में कुछ भी बता नहीं पा रही थी। इसके बाजू में सुखमती गुदा हुआ था। इससे पुलिस ने यह अंदाजा लगा लिया कि इसका नाम सुखमती है।
एक सप्ताह तक पुलिस युवती से और जानकारी लेने की कोशिश करती रही, लेकिन पुलिस को कुछ खास जानकारी नहीं मिल पाई। सुखमती के अलावा युवती कागज पर टेढ़े-मेढ़े दो और शब्द लिखती थी। यही नहीं उसकी लिखावट को पढऩा भी काफी मुश्किल था।
फैजाबाद महिला थानाध्यक्ष प्रियंका पांडेय के मुताबिक युवती क्या लिख रही थी, उससे मुश्किल से समझ में आया- बसना और महासमुंद। महिला एसओ ने इन शब्दों को गूगल पर सर्च किया। जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य के महासमुंद जिले में बसना नाम का एक कस्बा नजर आया। महिला एसओ ने बसना पुलिस स्टेशन से संपर्क किया तो पता चला कि वहां सुखमती नाम की युवती की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज है।
फिर क्या था बसना थाने की पुलिस ने युवती के घरवालों को लेकर फैजाबाद महिला थाने में पहुंचने में देर नहीं लगाई। महासमुंद से फैजाबाद की दूरी 800 किलोमीटर है। गुमशुदा युवती ने जैसे ही मां को देखा दौड़ कर उसके गले लिपट गई। उसकी मां ने बताया कि मेरी बेटी का मानसिक इलाज चल रहा है। वो घर से सब्जी लेने निकली थी, उसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल रहा था। थक हार कर 19 मार्च को बसना पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। मां के मुताबिक गुमसुम सी रहने वाली ये सुखमती पहले भी एक बार गुम हुई थी, लेकिन इस बार वो ना जाने कैसे इतनी दूर पहुंच गई यह आश्चर्य की बात है।
Published on:
26 Feb 2018 10:54 pm
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