18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Ayodhya : राम मंदिर में जाते ही दिखेगी त्रेतायुग की झलक, जाने कैसे सजाया जा रहा गर्भगृह

राम मंदिर निर्माण का कार्य पूरा होने के बाद अब प्राण प्रतिष्ठा कराए जाने के लिए मंदिर को सुंदर बनाए जाने का कार्य चल रहा है।

2 min read
Google source verification
केरल के कारीगर खम्भों में कर रहे तरासी

केरल के कारीगर खम्भों में कर रहे तरासी

राम मंदिर में अब प्राण प्रतिष्ठा की तैयारी शुरू हो गई। जनवरी 2024 में मकर संक्रांति के बाद इस कार्य को पूरा कर लिया जाएगा। लेकिन इसके पहले मंदिर के भूतल में लगे 162 खम्भों में त्रेतायुग की झलक दिखाई देगी। जिसमें तरह तरह के चित्र उकेरे जा रहे हैं। और इस पर आकर्षण देने वाली लाइट का भी प्रयोग किया जाएगा।

30 फिट की दूरी से होगा रामलला का दर्शन

अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण कार्य प्रगति पर है मंदिर के भूतल का कार्य 80% पूरा कर लिया गया है तो वही प्रथम चरण के निर्माण कार्य तेज गति से आगे बढ़ रहा है। 162 खम्भों राम मंदिर का भूतल तैयार किया गया है जिसमें मंदिर के गर्भगृह कोली मंडप, गूढ़ मंडप, नृत्य मंडप, रंग मंडप और मंदिर उत्तर और दक्षिण दिशा में कीर्तन मंडप के साथ गर्भगृह की परिक्रमा पथ को बनाया गया है। वहीं अष्टकोणीय बने गर्भगृह की भव्यता सफेद मकराना मार्बल से की गई है। जहां पर रामलला विराजमान होंगे और आने वाले श्रद्धालु 30 फिट की दूरी से दर्शन प्राप्त करेंगे। वहीं भूतल में बने मंडप को लेकर लगाएं गए पीलर उनके गरिमा के अनरूप होगा।

केरल के कारीगर खम्भों में कर रहे तरासी

आर्किटेक्ट इंजीनियर चंद्रशेखर सोनपुरा ने जानकारी दी है कि इन खम्भों लग लग कला कृतियां उकेरी जा रही। कहीं अलग अलग देवी देवताओं के चित्र है। तो कहीं अलग अलग मुद्रा में अप्सराओं, नृतंगना की कला कृतियाँ बन रही है।
राम मंदिर ट्रस्ट के सहयोगी इंजीनियर गोपाल जी राव ने जानकारी दी है। खम्भों उकेरी जा रही मूर्तियों के लिए केरल के कारीगरों की बुलाया गया है। वर्तमान में 40 कारीगर कर कार्य कर रहे हैं। और जल्द इनकी संख्या 150 होगी। जिससे इस कार्य अपने समय पर पूरा कर सके।

अगस्त माह से फर्श पर फ्लोरिंग का कार्य होगा शुरू

राम मंदिर के भूतल में फ्लोरिंग का कार्य अगले माह अगस्त से प्रारंभ कर दिया जाएगा। गर्भगृह मंदिर में सफेद मार्बल का उपयोग होगा। राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य डॉक्टर अनिल मिश्र कहते हैं कि फर्श बनाये जाने के दौरान उस पर कालीन जैसी डिजाइन बनाई जाएगी। जिसका कार्य भी उसके साथ ही प्रारम्भ कर दिया गया है।

इको फ्रेंडली होगी लाइट एंड साउंड सिस्टम

राम मंदिर में लगने वाली लाइट और साउंड सिस्टम को इको फ्रेंडली सिस्टम के तहत लगाया जा रहा है। सभी खम्भों में 4 प्रकार की लाइट लगाई जाएगी। जो कि पत्थरों के बीच होगी। और बाहर नही दिखाई देगी। इसी तरह साउंड सिस्टम को भी पत्थरों के बीच में होगा। राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य डॉ अनिल मिश्रा बताते हैं कि मंदिर को लाइटिंग का कार्य भी बहुत ही भव्यता के साथ किया जाएगा। मंदिर के अंदर से लेकर बाहर तक फसाद सिस्टम से शोभायमान होगी।


बड़ी खबरें

View All

अयोध्या

उत्तर प्रदेश

ट्रेंडिंग