
अयोध्या में इस जगह मस्जिद के लिए जमीन का ऑफर, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड लेगा फैसला
अयोध्या. सुप्रीम कोर्ट के फैसले (Ayodhya Verdict) के बाद सुन्नी वक्फ बोर्ड ने कानूनी राय लेने के बाद ही सुन्नी वक्फ बोर्ड यह तय करेगा कि उसे जमीन लेना है कि नहीं। जमीन को लेकर मुस्लिम समुदाय में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इस बीच अयोध्या के एक निवासी राजनारायण दास ने ऑफर दिया है कि वो अपनी पांच एकड़ जमीन मस्जिद के लिए दान में देने को तैयार हैं।
जिलाधिकारी से मिलकर देंगे जमीन का प्रस्ताव
तहसील सोहावल के मुस्तफाबाद निवासी राजनारायण दास का कहना है कि उनके पास बड़ा गांव के पास सारंगापुर रोड पर पांच एकड़ जमीन है। उसे मस्जिद बनने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। जल्द ही वे डीएम से मिलकर उन्हें जमीन दान देने का प्रपोजल देंगे। दरअसल, राजनारायण चाहते हैं कि मुफ्त में उनकी जमीन मस्जिद के लिए सुन्नी वक्फ बोर्ड को सौंप दी जाए।
गौरतलब है कि नौ नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने दशकों पुराने विवाद पर फैसला सुनाकर विवादित स्थल का मुद्दा खत्म किया था। कोर्ट ने 2.77 एकड़ जमीन रामलला विराजमान को देने का आदेश दिया था। इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट ने सुन्नी वक्फ बोर्ड को अयोध्या में ही पांच एकड़ जमीन देने की बात भी कही थी। फैसले के बाद अयोध्या जिला प्रशासन ने पांच एकड़ जमीन तलाशने का काम शुरू कर दिया है।
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक
अयोध्या मसले पर आए कोर्ट के फैसले को लेकर रविवार 17 नवंबर को ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) की बैठक होगी। बैठक में मस्जिद के लिए पांच एकड़ जमीन लेने पर चर्चा की जाएगी। साथ ही इस मामले पर पुनर्विचार याचिका दाखिल करने का औपचारिक ऐलान भी हो सकता है।
Published on:
17 Nov 2019 09:47 am
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