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Ayodhya Ramnagari: हुजूर अब दिलकुशा महल व अफीम कोठी नहीं साकेत सदन कहिए

योगी सरकार ने अयोध्या के धारा रोड स्थित दिलकुशा महल (अफीम कोठी) का नाम बदलकर साकेत सदन कर दिया है। सरकार द्वारा अयोध्या में किसी ऐतिहासिक इमारत का नाम बदल जाने का यह पहला मामला है।

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Ayodhya: रामनगरी का पौराणिक स्वरूप प्रदान करने में लगी योगी सरकार ने अब ऐतिहासिक भवन दिलकुशा महल का नाम साकेत भवन कर दिया है। अंग्रेजी शासन में इस भवन में अफीम रखे जाने के कारण इसका नाम अफीम कोठी रख दिया गया था। नवाब शुजाउद्दौला ने इस महलनुमा कोठी का निर्माण कराया था, जिसे दिलकुशा महल कहा जाता था। अंग्रेजों ने सत्ता हस्तांतरण के बाद इसे नारकोटिक्स विभाग को सौंप दिया था। रामनगरी के पुनर्विकास में शामिल दिलकुशा महल जिसे अफीम कोठी के नाम से जाना जाता है, अब इतिहास का हिस्सा हो गया है। अफीम कोठी को अब ' साकेत सदन ' के नाम से जाना जाएगा । मंडलायुक्त गौरव दयाल ने अफीम कोठी का नाम बदले जाने की पुष्टि की है ।

अंग्रेजी हुकूमत काल से अफीम कोठी के नाम से जाना जाता था दिलकुशा महल

चौदह कोसी परिक्रमा मार्ग पर धारा रोड मुहल्ले में अफीम कोठी स्थित है । इस स्थान को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है । इस क्षेत्र को हेरिटेज लुक प्रदान किया जा रहा है । इसके पुनर्विकास की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कारपोरेशन लिमिटेड को सौंपी गई है। यह भवन अब साकेत सदन के नाम से जाना जाएगा । साकेत सदन का पुनरुद्धार प्राचीनता को सहेजते हुए किया जा रहा है। रामनगरी में किसी ऐतिहासिक भवन का नाम बदले जाने का यह पहला मामला है । हालांकि इससे पूर्व योगी सरकार बनने के बाद सबसे पहले जिले का नाम फैजाबाद से बदल कर अयोध्या हुआ । उसके बाद फैजाबाद जंक्शन का नाम परिवर्तित कर अयोध्या कैंट किया गया । अब दिलकुशा महल से अफीम कोठी हुई ऐतिहासिक इमारत का नाम साकेत सदन कर दिया गया है।


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