27 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अयोध्या विवाद में फैसले की आहट, चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात, खुफिया एंजेंसियों ने भी डेरा डाला

अयोध्या विवाद पर संभावित फैसले के मद्देनजर अलर्ट पर पुलिस, आईबी ने भी डेरा डाला, चेकिंग अभियान तेज

3 min read
Google source verification
ayodhya case decision

आने-जाने वालों की सघनता से चेकिंग की जा रही है। पुलिस रोजाना तड़के सुबह गश्त भी रही है।

अयोध्या. राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के संभावित फैसले को देखते हुए देश की खुफिया और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। यूपी पुलिस को भी अतिरिक्त सुरक्षा बरतने के निर्देश दिये गये हैं। कुछ आतंकी संगठनों के सक्रिय होने की जानकारी खुफिया एजेंसी को मिलने के बाद आइबी यूपी के सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों की सुरक्षा का नए सिरे से आंकलन कर रही है। आइबी की टीमों ने अयोध्या, वाराणसी व मथुरा में डेरा डाला हुआ है। राज्य सरकार ने भी स्टेट इंटेलिजेंस, एटीएस व एसटीएफ को सतर्क रहने के साथ प्रमुख धार्मिक व संवेदनशील स्थलों पर चौकसी रखने को कहा गया है।

अयोध्या जिला प्रशासन ने रामनगरी में 10 दिसंबर तक धारा 144 लगाई है। शहर में बड़ी संख्या में पुलिस-पीएसी तैनात है। यहां आने-जाने वालों की सघनता से चेकिंग की जा रही है। पुलिस रोजाना तड़के सुबह गश्त भी रही है। रामनगरी से लगे जिलों की सीमाओं पर पहरा कड़ा कर दिया गया है। अयोध्या और आसपास के सभी जिलों के प्राथमिक स्कूलों के एक कमरे को सुरक्षाबलों के लिए पहले ही रिजर्व रखा गया है, ताकि रामनगरी में किसी भी तरह की गड़बड़ी होने पर लोगों को उनके इलाके में ही रोका जा सके। अयोध्या में कहीं विवादित पोस्टर व बैनर न लगने पायें, इस पर भी यूपी पुलिस की पैनी नजर है। उधर, राज्य सरकार ने बीते दिनों सभी पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की छुट्टियां 30 नवंबर तक के लिए रद्द कर दी हैं।

कमलेश तिवारी हत्याकांड के सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
लखनऊ में हिंदू समाज पार्टी के अध्यक्ष कमलेश तिवारी की हत्या में आतंकी संगठनों की विचारधारा से प्रेरित कट्टरपंथी युवकों के समूह के सदस्यों के नाम सामने आने के बाद खुफिया व सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। इसके बाद अयोध्या के संतों की भी सुरक्षा-व्यवस्था मजबूत कर दी गई है। राम जन्मभूमि न्यास अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास, महंत कमल नयन दास व रामजन्मभूमि पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास के साथ लगभग एक दर्जन से अधिक संतों की सुरक्षा में जवान तैनात किये गये हैं। सघन तलाशी के बाद ही मंदिरों में किसी को संतों से मिलने दिया जा रहा है। इसके साथ ही अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को बिना आइडी प्रूफ के किसी भी मंदिर में जाने नहीं दिया जा रहा है।

यह भी पढ़ें : यूपी में पुलिस-प्रशासनिक अफसरों की नवंबर तक सभी छुट्टियां रद्द, अयोध्या में और बढ़ी सुरक्षा-व्यवस्था

देखें वीडियो...

नगर के निवासी अर्जुन द्विवेदी ने बताया कि फैसले के बाद अयोध्या में क्या स्थिति होगी, अभी यह बता पाना बहुत मुश्किल है। लेकिन, जिस तरह से अयोध्या की सुरक्षा बढ़ाई जा रही है, हम लोग बिना किसी प्रयोजन के अपने घरों से नहीं निकल रहे हैं। नगर के व्यवसायी राजेंद्र सिंह कहते हैं कि अयोध्या में भले ही चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात है, लेकिन राम नगरी के लोगों को इनसे कोई खतरा नहीं है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में हिंदू-मुस्लिम आपस में मिल जुल कर रहते हैं और फैसले के बाद भी यह साप्रदायिक सौहार्द कायम रहेगा।

सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या विवाद मामले की सुनवाई पूरी हो चुकी है। सर्वोच्च न्यायालय के पांच न्यायाधीशों ने 40 दिनों में वर्षों से चले आ रहे इस मामले की सुनवाई पूरी की है। मामले में गठित मध्यस्थता पैनल ने भी सुनवाई खत्म होने के बाद सीलबंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट को रिपोर्ट सौंप दी है। अब पूरे देश को कोर्ट के फैसले का इंतजार है। माना जा रहा है कि अयोध्या मामले पर 17 नवम्बर से पहले कभी भी फैसला आ सकता है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई 17 नवम्बर को रिटायर हो रहे हैं।

यह भी पढ़ें : उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव आरके तिवारी और डीजीपी ओपी सिंह ने अयोध्या में तैयारियों का लिया जायजा