
रामलला के पोशाक को तैयार करने वाले टेलर की रोचक कहानी
अयोध्या. राम नगरी अयोध्या भगवान श्री राम लला की मंदिर का नजारा धीरे-धीरे समाप्त हो रहा है। और रामलला का हर भक्त उत्साहित है कि जल्द ही भगवान का भव्य स्वरूप में दर्शन मिलेगा। लेकिन क्या आप जानते हैं अयोध्या में बरसों से सुंदर और भव्य मंदिर में विराजमान होने के दौरान रामलला को सुंदर और आकर्षक कपड़ों में सजाने के लिए इंतजार कर रहे हैं। और पिछले कई दशकों से रामलला का पोशाक तैयार कर रहे है।
रामलला के प्रति पीढ़ियों से जुड़ी रही आस्था
दरअसल भागवत प्रसाद और शंकरलाल की अयोध्या के प्रमोद वन क्षेत्र में स्थित बड़ी कुटिया मंदिर में बाबूलाल टेलर के नाम से 8 फुट की एक दुकान है जो अयोध्या के प्रसिद्ध मठ मंदिरों में विराजमान भगवान राम लला तथा अन्य देवी-देवताओं के पोशाक को तैयार करते हैं हालांकि बाबूलाल अब इस दुनिया में नहीं है लेकिन उनके बेटे और पोते उनकी इस विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। बताते चलें कि भगवत प्रसाद के पिता बाबूलाल रामलला का वस्त्र विवादित ढांचे के नीचे ही सिलाई करते थे। लेकिन 1992 की घटना के बाद परिस्थितियां बदली और वस्त्र दुकान पर लाकर सिलाई करने का कार्य शुरू किया। और आज ही भगवान श्री राम मिला वह तीनों भाइयों के पोशाक को अपने इसी दुकान पर तैयार करते हैं।
टेलर ने कहा रामलला का पोशाक बनाना मेरा सौभाग्य
पिछले चार पीढ़ियों से रामलला का वस्त्र शिलाई करने वाले भागवत प्रसाद खुद को भाग्यशाली बताते हैं। और यह भी कहते हैं कि यह मेरा सौभाग्य है कि हम भगवान रामलला के पोशाक को तैयार करते हैं जबकि इसके पहले हमारे पिता बाबूलाल यह कार्य करते रहे और आगे हमारे बच्चे भी भगवान के प्रति समर्पित भाव से पोशाक को तैयार करने का कार्य करे ऐसी मनोकामना हमारे परिवार की है। तो वही बताया कि रामलला ही नहीं बल्कि अयोध्या के सैकड़ों मंदिरों में विराजमान भगवान के अलग-अलग स्वरूपों में वस्त्र को तैयार करते और उन्हें आकर्षण रूप में देखने की इच्छा रखते हैं।
Updated on:
13 Nov 2022 09:32 am
Published on:
12 Nov 2022 10:10 pm
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