
अयोध्या . मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की पावन जन्मस्थली अयोध्या एक अंतरराष्ट्रीय आयोजन का गवाह बनने जा रहा है .नेपाली संस्कृति परिषद द्वारा अयोध्या एक प्राचीन सांस्कृतिक विरासत तथा इक्ष्वाकु वंश विषय पर एक दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 16 और 17 सितंबर को धार्मिक नगरी अयोध्या के प्रसिद्ध बड़ा भक्तमाल आश्रम में आयोजित किया जा रहा है . इस कार्यक्रम को लेकर बड़े पैमाने पर तैयारियां शुरू कर दी गई है . इस सम्मेलन में भारत के करीब 20 राज्यों के प्रतिनिधि तथा नेपाल भूटान देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे . सम्मेलन में हिंदू बौद्ध जैन सिख मुसलमान और ईसाई समुदाय के विद्वान तथा प्रतिनिधी उपस्थित रहेंगे . इस कार्यक्रम में देश और विदेश से आए हुए नेपाली समाज के प्रतिनिधियों की मौजूदगी होगी . यह जानकारी नेपाली संस्कृत परिषद के राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति सदस्य और कार्यक्रम के आयोजक दिनेश सोनी ने दी . श्री सोनी ने बताया कि नेपाली सांस्कृतिक परिषद के संरक्षक तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य इंद्रेश कुमार के मार्गदर्शन तथा परिषद के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष अशोक चौरसिया के नेतृत्व में अयोध्या एक प्राचीन सांस्कृतिक विरासत तथा इक्ष्वाकुवंश विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया है . इस सम्मलेन में सभी धर्म पंथ के धर्माचार्य सामाजिक प्रवर्तक नेता मंत्री और विशेषज्ञ उपस्थित होंगे औरअपने विचार प्रकट करेंगे . इस दो दिवसीय कार्यक्रम में दोनों देशों की संस्कृति के परिचायक सांस्कृतिक कार्यक्रम और भजन संध्या का कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा . आगामी 16 ,17 सितबर को आयोजित इस सम्मेलन में भगवान श्रीराम तथागत बुद्ध भगवान महावीर तथा गुरु नानक देव जी के इक्ष्वाकु वंश से जुड़ाव पर विचार प्रकट किये जायेंगे . पत्रकार वार्ता के दौरान निशेन्द्र मोहन मिश्र गुड्डू कार्यक्रम के आयोजक दिनेश सोनी राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति सदस्य नेपाली संस्कृति परिषद तथा हर्ष बहादुर राष्ट्रीय महासचिव नेपाली संस्कृति परिषद् और बड़ाभक्त महल मंदिर के महंत अवधेश दास, पूर्व विधायक पवन पांडे सहित अन्य लोग मौजूद रहे .
Published on:
14 Sept 2017 05:26 pm
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