
बाबरी मस्जिद के मुद्दई इकबाल अंसारी ने दिया केंद्र सरकार को समर्थन, कहा- याचिका पर हमें कोई आपत्ति नहीं
अयोध्या. राम नगरी अयोध्या में विवादित स्थल पर मंदिर और मस्जिद के मुकदमे की सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई में एक बड़ा परिवर्तन सामने आया है। अब इस मामले को लेकर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की है जिसमें सुप्रीम कोर्ट से अपील की जाएगी कि विवादित स्थल पर 2.77 एकड़ भूमि को छोड़ कर शेष भूमि को राम जन्मभूमि न्यास को वापस कर दिया जाए। इस भूमि पर यथास्थिति बनाए रखने की आवश्यकता नहीं है। केंद्र सरकार के इस फैसले पर अयोध्या में राम जन्मभूमि बाबरी मस्जिद विवाद के मुख्य पक्षकार इकबाल अंसारी ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अगर केंद्र सरकार यह कदम उठा रही है, तो हमें इसपर कोई एतराज नहीं है। जिस स्थान पर बाबरी मस्जिद मौजूद थी, उस जमीन को छोड़कर बाकी को सरकार जिसे चाहे दे दे, हमें कोई एतराज नहीं है।
हम नहीं चाहते कोई विवाद
इकबाल अंसारी ने कहा कि इससे पहले भी जब हाईकोर्ट ने तीनों पक्षकारों को बराबर भूमि सौंपी थी, उस समय भी सबसे पहले निर्मोही अखाड़ा और विश्व हिंदू परिषद सुप्रीम कोर्ट गए थे। बाद में हमने अपना पक्ष कोर्ट में रखा था। हम पहले भी विवाद नहीं चाहते थे और आज भी कोई विवाद नहीं चाहते हैं। हम अपना हक सिर्फ बाबरी मस्जिद की जमीन पर जता रहे हैं, बाकी जमीन से हमें कोई लेना देना नहीं है। इकबाल अंसारी ने पत्रिका टीम से खास बातचीत के दौरान कहा कि हमेशा जब जब चुनाव आता है, तब तमाम राजनैतिक दल और सरकार राम जन्मभूमि बाबरी मस्जिद विवाद को लेकर कुछ न कुछ नया करती हैं। हो सकता है इस बार भी कुछ ऐसा ही हो। बहरहाल हम कोर्ट से गुजारिश करते हैं कि जल्द से जल्द इस मुकदमे का फैसला हो, जिससे हमें न्याय मिले।
Updated on:
29 Jan 2019 12:59 pm
Published on:
29 Jan 2019 12:59 pm
