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लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी गरमाएगी अयोध्या का मामला, नितिन गडकरी को लेकर हुआ बहुत बड़ा ऐलान

2019 के लोकसभा चुनाव से पहले आई अयोध्या की 14 कोसी परिक्रमा से जुड़ी ये अहम खबर...

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Nitin Gadkari visit Ayodhya for 14 kosi parikrama project

लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी गरमाएगी अयोध्या का मामला, नितिन गडकरी को लेकर हुआ बहुत बड़ा ऐलान

महेंद्र प्रताप सिंह

पत्रिका एक्सक्लूसिव

अयोध्या. केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी 8 फरवरी को उप्र की सांस्कृतिक राजधानी अयोध्या पहुंच रहे हैं। भाजपा नेता के इस कार्यक्रम को लेकर जितना उत्साह पार्टी पदाधिकारियों में है उनसे कहीं ज्यादा फिक्रमंद संघ के कार्यकर्ता हैं। नितिन गडकरी यहां पांच परियोजनाओं की आधारशिला रखने आ रहे हैं, लेकिन पांचों प्रोजक्ट में सबसे ज्यादा तरजीह चौरासी कोसी परिक्रमा की दी जा रही है। इसके लिए बड़ी-बड़ी होर्डिंग्स और बैनर बनाए जा रहे हैं। जिसमें दिखाया जा रहा है कि अयोध्या और चौरासी कोसी परिक्रमा के मार्ग में कौन-कौन से प्रमुख मंदिर और धार्मिक स्थल आते हैं। इसके लिए 250 किमी के दायरे में प्रमुख रूप से 80 स्थानों को चिन्हित किया गया है, जहां आधारशिला कार्यक्रम के बाद भाजपा की बड़ी सभाएं आयोजित की जाएंगी।

चुनाव से पहले गरमाएगा अयोध्या का मामला

बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि का मामला सुप्रीम कोर्ट में है। शीर्ष न्यायालय से भाजपा ने विवादित परिसर की गैर विवादित जमीन लौटाने की अपील की है। इसका फैसला कोर्ट को करना है। लेकिन, इस बीच राष्ट्रीय स्वंय संघ और विश्व हिंदू परिषद ने अयोध्या से इतर कई और अयोध्या के मामले को लोकसभा चुनाव से पहले गरमाने का फैसला किया है। ताकि यहां हिंदुत्व की दूसरी प्रयोगशाला गढ़ी जा सके। इसके लिए अयोध्या और उसके आसपास फैले करीब 250 किलोमीटर के 84 कोस परिक्रमा मार्ग को चुना गया है। भाजपा मार्ग को फोर लेन में बदलना चाहती है। इसके साथ ही अयोध्या और इस मार्ग के किनारे राम की पौराणिकता से जुड़े 141 से अधिक मंदिरों और धार्मिक स्थलों की पहचान कर इन्हें दुनिया के नक्शे पर लाने का काम किया जाएगा। राम जन्मभूमि न्यास परिषद के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास, विहिप के उपाध्यक्ष चपंत राय और अयोध्या के सांसद लल्लू सिंह इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के केंद्र में हैं।
मान्यता है कि राजा दशरथ की अयोध्या चौरासी कोस में फैली थी। भगवान राम से जुड़े पौराणिक स्थल इसी 84 को परिक्रमा मार्ग पर स्थित हैं। आगामी अप्रैल माह में जब आम चुनाव की गर्मी चरम पर होगी तब देशभर के लाखों श्रद्वालु चौरासी लाख योनियों में भटकने से बचने के चैत पूर्णिमा से वैशाख पूर्णिमा के बीच चौरासी कोस की परिक्रमा के लिए पहुंचेगे। रामभक्तो को लुभाने के लिए ही भाजपा 84 कोस परिक्रमा मार्ग को 4 लेन में बदलने जा रही है।
अयोध्या से 20 किमी उत्तर स्थित बस्ती जिले के मखौड़ा धाम से परिक्रमा यात्रा की शुरुआत करते हैं. पांच जिलों में पडऩे वाले 21 पड़ावों को पार करते हुए फिर ये मखौड़ा धाम पहुंच कर अपनी यात्रा समाप्त करते हैं।

बहुत पहले हुई थी घोषणा

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने राष्ट्रीय स्वंय संघ की मंशा को भांपते हुए अगस्त 2015 में 250 किमी के चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग को फोरलेन में बदलने की योजना बनायी थी। इसके बाद इस मार्ग के लिए 1056.41 करोड़ रुपए के बजट की भी घोषणा की गयी थी। अब इसे नेशनल हाईवे का दर्जा देने की बात की जा रही है।

छह जिलों के मतदाताओं को साधने की कोशिश

84 कोसी परिक्रमा मार्ग में गोंडा, बाराबंकी, अंबेडकर नगर, बहराइच, बस्ती और अयोध्या जिले आते हैं। इन जिलों के विभिन्न गांवों मेें करीब 2 करोड़ की आबादी रहती है। लेकिन गोंडा और अयोध्या को छोडकऱ यहां कभी भाजपा जीत दर्ज नहीं करा पायी है। 2014 को छोड़ दें तो हमेशा यहां सपा-बसपा और कांग्रेस जीतती रही है। अंबेडकरनगर, बाराबंकी, बहराइच, गोंडा और बस्ती में दलितों, मुस्लिमों और पिछड़ों की बहुतायत है। ऐन चुनाव के वक्त इन जिलों में सडक़ के बहाने वोटरों के दिल में उतरने के लिए ही नितिन गडकरी को अयोध्या बुलाया जा रहा है।

इनकी रखी जानी है आधारशिला

भाजपा मीडिया प्रभारी दिवाकर सिंह के मुताबिक जिन परियोजनाओं की आधारशिला रखी जानी है उनमें सरयू पर बैराज, अयोध्या से काशी फोरलेन, चौरासी कोसी परिक्रमा, सहादतगंज से नया घाट बाईपास का सौन्दयीकरण व रामवनगमन मार्ग शामिल हैं। गडकरी की जनसभा में दर्जनों विधायक व आधा दर्जन सांसद शामिल होंगे। सभा में 25 हजार लोगों की भीड़ जुटाने का लक्ष्य रखा गया है।


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